Yemen Attack: गुरुवार को यमन और सऊदी अरब में बड़े हमले हुए, जिनकी जिम्मेदारी ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों पर लगाई जा रही है। यमन में सेना के कई ठिकानों को मिसाइल और ड्रोन से निशाना बनाया गया। इस हमले में 58 सैनिकों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए।वहीं, सऊदी अरब के नजरान शहर में भी हमला हुआ। इस हमले में कई आम नागरिक घायल हुए। धमाकों के बाद कुछ इलाकों में आग लग गई, जिसे बाद में काबू में कर लिया गया। घटना के तुरंत बाद बचाव दल मौके पर पहुंचा और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। इन हमलों के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
यमन में सेना के ठिकानों पर हमला
यमन के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, सेना के ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से हमला किया गया। इस हमले में 58 सैनिकों की जान चली गई और कई अन्य सैनिक घायल हुए हैं। मंत्रालय ने कहा है कि इस हमले का जवाब उचित समय पर दिया जाएगा।सऊदी अरब के नजरान शहर में हुए हमले में 11 लोग घायल हुए हैं। घायलों में सऊदी अरब, यमन, मिस्र और पाकिस्तान के नागरिक शामिल हैं। एक चार साल का बच्चा भी घायल हुआ है। हमले के बाद कई स्थानों पर आग लग गई, लेकिन राहत टीमों ने आग पर काबू पा लिया।
पिछले 24 घंटे में क्या बदला?
पिछले 24 घंटों के दौरान अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज स्ट्रेट को लेकर समझौते की चर्चाएं तेज हो गई हैं। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि दोनों देशों के बीच बातचीत आगे बढ़ रही है।इसी बीच होर्मुज स्ट्रेट और बाब-अल-मंदेब समुद्री मार्गों से गुजरने वाले जहाजों की संख्या में भी काफी कमी आई है। बड़े शिपिंग संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि इन समुद्री रास्तों पर नया शुल्क लगाया जाता है, तो दुनिया भर में सामान की कीमतें बढ़ सकती हैं।उधर, लेबनान में हुए एक धमाके में दो इजराइली सैनिकों की भी मौत हुई है।
हूती विद्रोही हमले क्यों बढ़ा रहे हैं?
हूती यमन का एक शिया विद्रोही संगठन है, जो कई वर्षों से यमन की सरकार और सऊदी समर्थित गठबंधन के खिलाफ लड़ रहा है।अमेरिका और उसके सहयोगी देशों का आरोप है कि ईरान हूती विद्रोहियों को हथियार और अन्य सैन्य सहायता देता है। उनका कहना है कि जब ईरान पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ता है, तब हूती अपने हमले तेज कर देते हैं। माना जाता है कि इससे विरोधी देशों का ध्यान अलग-अलग मोर्चों पर बंट जाता है और ईरान पर सीधा दबाव कुछ कम हो जाता है।








