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आस्था और अनुशासन का संगम होगी कांवड़ यात्रा, योगी ने दिए निर्देश

Yogi: कांवड़ यात्रा के लिए योगी सरकार का पूरा प्लान

Yogi: उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा को लेकर योगी सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। कांवड़ यात्रा को केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा विषय बताते हुए सरकार ने व्यवस्थाओं को मजबूत करने पर जोर दिया है। आचार्य डॉ. विक्रमादित्य के अनुसार, कांवड़ यात्रा तप, संयम और समर्पण की ऐसी परंपरा है, जो सनातन संस्कृति में सदियों से चली आ रही है।

हर जिले में हों बेहतर व्यवस्थाएं

कांवड़ यात्रा के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लेकर रुहेलखंड, ब्रज, बुंदेलखंड, अवध और पूर्वांचल तक श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या उमड़ती है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि प्रदेश के हर जिले में व्यवस्थाओं का स्तर समान और बेहतर होना चाहिए। यात्रा मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था के साथ श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, स्वच्छता, शौचालय और पर्याप्त प्रकाश की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।

Yogi: सड़क और स्वास्थ्य सुविधाओं पर जोर

मुख्यमंत्री ने कांवड़ मार्गों की क्षतिग्रस्त सड़कों की तत्काल मरम्मत के निर्देश दिए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो। साथ ही प्रमुख मार्गों पर चिकित्सा शिविर प्रभावी रूप से संचालित करने और जरूरी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है। एंटी वेनम और एंटी रैबीज इंजेक्शन समेत आवश्यक चिकित्सा संसाधन पर्याप्त मात्रा में रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।

चार राज्यों के साथ समन्वय

कांवड़ यात्रा को सुचारु बनाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली और उत्तराखंड के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया है। इसके अलावा कांवड़ संघों के साथ लगातार संवाद बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का उद्देश्य यात्रा मार्गों पर एक समान व्यवस्था और बेहतर तालमेल सुनिश्चित करना है।

Yogi: खाद्य सुरक्षा से लेकर अफवाहों तक पर नजर

कांवड़ यात्रा मार्गों पर मांस और शराब की दुकानें बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। दुकानों पर संचालक का नाम स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने और डीजे की आवाज निर्धारित मानकों के भीतर रखने को कहा गया है। वहीं, फर्जी खबरों और अफवाहों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन को कांवड़ संघों के साथ संवाद बनाए रखने और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा गया है।

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