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2 जुलाई का पंचांग: भगवान विष्णु और सूर्य देव की पूजा का विशेष दिन, जानें शुभ-अशुभ समय

2 जुलाई का पंचांग

2 July Panchang: हिंदू धर्म में पंचांग का विशेष महत्व माना जाता है। किसी भी शुभ कार्य, यात्रा, निवेश या पूजा-पाठ की शुरुआत से पहले पंचांग देखा जाता है। पंचांग हिंदू काल गणना की एक महत्वपूर्ण पद्धति है, जो सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति के आधार पर तैयार किया जाता है।2 जुलाई 2026, गुरुवार को आषाढ़ महीने के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि सुबह 9:38 बजे तक रहेगी। इसके बाद तृतीया तिथि शुरू हो जाएगी। आषाढ़ मास को भगवान श्री हरि विष्णु और सूर्य देव को समर्पित माना जाता है। इसलिए इस समय भगवान विष्णु की पूजा करना विशेष फलदायी माना जाता है।

अमृत काल और ब्रह्म मुहूर्त का समय

इस दिन अमृत काल रात 12:21 बजे से शुरू होकर अगले दिन तड़के 2:06 बजे तक रहेगा। वहीं, ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:13 बजे से 5:01 बजे तक रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ब्रह्म मुहूर्त पूजा, ध्यान और आध्यात्मिक कार्यों के लिए सबसे शुभ समय माना जाता है।

2 July Panchang: सूर्योदय और चंद्रमा की स्थिति

2 जुलाई 2026 को सूर्योदय सुबह 5:49 बजे होगा, जबकि सूर्यास्त शाम 7:12 बजे होगा। वहीं, चंद्रमा का उदय रात 9:11 बजे होगा और चंद्रास्त सुबह 8:26 बजे रहेगा।पंचांग के अनुसार, 2 जुलाई 2026 को सूर्य आर्द्रा नक्षत्र में स्थित रहेगा, जिसके स्वामी राहु माने जाते हैं। वहीं, चंद्रमा उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में गोचर करेंगे और इसके बाद श्रवण नक्षत्र में प्रवेश करेंगे।2 जुलाई 2026, गुरुवार को हर्षण योग प्रभावी नहीं रहेगा। इस दिन वैधृति योग सुबह 11:09 बजे तक रहेगा। इसके बाद विषकुंभ योग शुरू हो जाएगा।

अभिजित मुहूर्त का समय

इस दिन अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:04 बजे से 12:57 बजे तक रहेगा। इसे दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है। मान्यताओं के अनुसार, इस समय राहुकाल या अन्य अशुभ समय की चिंता किए बिना महत्वपूर्ण कार्य, पूजा-पाठ या व्यापार की शुरुआत की जा सकती है।

राहुकाल, गुलिक काल और यमगंड

2 जुलाई 2026 को राहुकाल दोपहर 2:10 बजे से 3:54 बजे तक रहेगा। गुलिक काल सुबह 8:57 बजे से 10:41 बजे तक रहेगा। वहीं, यमगंड सुबह 5:28 बजे से 7:12 बजे तक रहेगा। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, इन समयों को अशुभ माना जाता है और इस दौरान नए कार्य शुरू करने से बचने की सलाह दी जाती है।

इस दिन सूर्य मिथुन राशि में और चंद्रमा मकर राशि में गोचर करेंगे। ग्रहों की यह स्थिति पंचांग के अनुसार विशेष महत्व रखती है।2 जुलाई 2026, गुरुवार को दक्षिण दिशा में दिशाशूल रहेगा। ज्योतिष और वास्तु मान्यताओं के अनुसार, इस दिन दक्षिण दिशा की ओर यात्रा करने से बचना चाहिए। यदि किसी कारणवश यात्रा करना जरूरी हो, तो यात्रा से पहले कुछ ज्योतिषीय उपायों का पालन करने की सलाह दी जाती है।