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22 जून 2026 का पंचांग: अभिजित मुहूर्त में करें शुभ कार्य, पूर्व दिशा में यात्रा करने से बचें पंचांग का महत्व

22 जून 2026 का पंचांग

22 June Panchang: हिंदू धर्म में पंचांग का विशेष महत्व माना जाता है। किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत, यात्रा, निवेश, पूजा-पाठ या कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेने से पहले पंचांग देखना शुभ माना जाता है। पंचांग हिंदू समय गणना की एक प्राचीन पद्धति है, जो सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति के आधार पर तैयार किया जाता है।

धार्मिक महत्व

22 जून 2026, सोमवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण रहने वाला है। इस दिन ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि रहेगी, जो दोपहर 3 बजकर 40 मिनट तक प्रभावी रहेगी। इसके बाद नवमी तिथि का प्रारंभ हो जाएगा।

इस दिन सूर्योदय सुबह 5 बजकर 46 मिनट पर होगा, जबकि सूर्यास्त शाम 7 बजकर 11 मिनट पर होगा। वहीं, चंद्रमा का उदय दोपहर 12 बजकर 49 मिनट पर और चंद्रमा का अस्त रात 12 बजकर 47 मिनट पर होगा।

सूर्य का नक्षत्र परिवर्तन, विशेष योगों की स्थिति

वैदिक ज्योतिष के अनुसार 22 जून 2026 को सूर्य देव का महत्वपूर्ण नक्षत्र परिवर्तन होने जा रहा है। इस दिन सूर्य मृगशिरा नक्षत्र से निकलकर राहु के नक्षत्र आर्द्रा में प्रवेश करेंगे। वहीं, चंद्रमा इस दिन हस्त नक्षत्र में स्थित रहेंगे।

पंचांग के अनुसार 22 जून 2026 को हर्षण योग नहीं रहेगा। साथ ही इस दिन वज्र योग का भी निर्माण नहीं हो रहा है। हालांकि, इस दिन त्रिग्रही योग और लक्ष्मी योग का निर्माण हो रहा है, जिन्हें ज्योतिष में विशेष महत्व दिया जाता है।

22 June Panchang: 22 जून 2026 का पंचांग
22 जून 2026 का पंचांग

22 June Panchang: अभिजित मुहूर्त में करें शुभ कार्य

अगर आप किसी नए या महत्वपूर्ण कार्य की शुरुआत करने की योजना बना रहे हैं, तो 22 जून 2026 को अभिजित मुहूर्त का समय बेहद शुभ रहेगा।इस दिन अभिजित मुहूर्त सुबह 11 बजकर 36 मिनट से दोपहर 12 बजकर 28 मिनट तक रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे शुभ और प्रभावशाली समय माना जाता है। इस दौरान नए कार्यों की शुरुआत, पूजा-पाठ, शुभ निर्णय या महत्वपूर्ण कार्य करना लाभदायक माना जाता है।

राहुकाल और अशुभ समय

पंचांग के अनुसार 22 जून 2026 को राहुकाल सुबह 7 बजकर 8 मिनट से 8 बजकर 53 मिनट तक रहेगा। वहीं, गुलिक काल दोपहर 2 बजकर 5 मिनट से 3 बजकर 49 मिनट तक और यमघण्ट काल दोपहर 12 बजकर 20 मिनट से 2 बजकर 4 मिनट तक रहेगा।पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार इन समयों को शुभ कार्यों के लिए उपयुक्त नहीं माना जाता है। इसलिए इस दौरान नए कार्य शुरू करने से बचने की सलाह दी जाती है।

राशि और दिशा से जुड़ी जानकारी

ज्योतिषीय गणना के अनुसार इस दिन सूर्य मिथुन राशि में और चंद्रमा कन्या राशि में विराजमान रहेंगे।वहीं, 22 जून 2026 को पूर्व दिशा में दिशाशूल रहेगा। ज्योतिष और वास्तु मान्यताओं के अनुसार इस दिन पूर्व दिशा की ओर यात्रा करने से बचना चाहिए। यदि किसी कारणवश यात्रा करना जरूरी हो, तो यात्रा से पहले कुछ विशेष ज्योतिषीय उपायों का पालन करना शुभ माना जाता है।

इस प्रकार 22 जून 2026 का दिन पंचांग के अनुसार कई महत्वपूर्ण योगों और ग्रहों की स्थिति के कारण विशेष माना जा रहा है। शुभ समय में किए गए कार्यों से सकारात्मक परिणाम मिलने की मान्यता है।

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