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‘कॉकरोच’ से भी कम असरदार रहा कांग्रेस का प्रदर्शन? शशि थरूर ने फिर उठाए पार्टी की रणनीति पर सवाल

Shashi Tharoor: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद शशि थरूर ने एक बार फिर अपनी ही पार्टी की रणनीति पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने माना कि हालिया छात्र आंदोलन में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) ने जिन मुद्दों को उठाया, वे मुद्दे कांग्रेस पहले ही अपने ‘छात्रों की गूंज’ अभियान के तहत उठा रही थी। इसके बावजूद CJP के प्रदर्शन को युवाओं और Gen-Z के बीच कांग्रेस की मुहिम से ज्यादा प्रतिक्रिया मिली। थरूर ने इसे पार्टी के लिए आत्ममंथन का विषय बताया।

युवाओं तक नहीं पहुंची कांग्रेस की बात, कार्यक्रम में उठे सवाल

मुंबई में ‘इंडियाज इंटरनेशनल मूवमेंट टू यूनाइट नेशंस’ (IIMUN) की 15वीं वर्षगांठ पर आयोजित संवाद कार्यक्रम में थरूर ने कहा कि कांग्रेस को खुद से यह सवाल पूछना होगा कि आखिर वह युवाओं तक अपनी बात प्रभावी ढंग से क्यों नहीं पहुंचा पाई।

Shashi Tharoor: ‘क्या हम Gen-Z की नब्ज पकड़ने में चूक गए?’

जंतर-मंतर पर हुए CJP के प्रदर्शन का जिक्र करते हुए थरूर ने कहा कि जिन मुद्दों को संगठन ने उठाया, कांग्रेस उन्हें पहले से उठा रही थी। उन्होंने कहा कि ‘छात्रों की गूंज’ अभियान के तहत राहुल गांधी खुद पेपर लीक जैसे मुद्दों पर छात्रों से संवाद कर रहे थे। थरूर ने सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस छात्रों को सही तरीके से सुन नहीं पाई या फिर पार्टी की युवाओं और Gen-Z के बीच पकड़ कमजोर हो गई है। उनके इस बयान को कांग्रेस के भीतर संगठन और संचार रणनीति को लेकर आत्ममंथन की जरूरत के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

NEET विवाद के बाद तेज हुआ छात्र आंदोलन

NEET-UG 2026 में कथित गड़बड़ी और पेपर लीक के मुद्दे को लेकर CJP ने 20 जून से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन शुरू किया था। प्रदर्शनकारियों ने तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और जवाबदेही की मांग की थी। बाद में जलवायु कार्यकर्ता और शिक्षाविद् सोनम वांगचुक के छात्रों के समर्थन में आंदोलन से जुड़ने के बाद प्रदर्शन को और चर्चा मिली। CJP ने 20 जुलाई को संसद मार्च का आह्वान किया था। प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्षी दलों ने भी सरकार पर सवाल उठाए।

Shashi Tharoor: कांग्रेस का ‘छात्रों की गूंज’ अभियान

पेपर लीक के मुद्दे पर कांग्रेस के छात्र संगठन NSUI ने भी प्रदर्शन किए थे। इसके बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने 17 जून को राजस्थान के कोटा से ‘छात्रों की गूंज’ अभियान की शुरुआत की थी।

इस अभियान के तहत कांग्रेस ने कोटा में छात्रों की समस्याओं, देहरादून में पेपर लीक और धांधली तथा प्रयागराज में बेरोजगारी जैसे मुद्दों को उठाया। हालांकि, थरूर के बयान से अब पार्टी के भीतर यह सवाल फिर चर्चा में है कि मुद्दे उठाने के बावजूद कांग्रेस युवाओं के बीच अपनी बात उतनी प्रभावी ढंग से क्यों नहीं पहुंचा पा रही है। उनकी टिप्पणी ऐसे समय आई है जब कांग्रेस लगातार युवाओं और छात्रों के मुद्दों को राजनीतिक एजेंडे में प्रमुखता देने की कोशिश कर रही है।

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