3 May Panchang: सनातन धर्म में पंचांग का विशेष महत्व माना जाता है। पंचांग के पांच मुख्य अंग तिथि, वार, करण, योग और नक्षत्र के आधार पर ही दिन के शुभ और अशुभ समय का निर्धारण किया जाता है। इसी के अनुसार लोग अपने दैनिक कार्यों और महत्वपूर्ण निर्णयों की योजना बनाते हैं।
3 मई का पंचांग
रविवार को ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि रहेगी। इस दिन अभिजित मुहूर्त के साथ त्रिपुष्कर योग का संयोग बन रहा है, जिसे शुभ कार्यों के लिए अत्यंत अनुकूल माना जाता है। इस योग में किए गए कार्यों के बारे में मान्यता है कि वे कई गुना फल देते हैं।

सूर्योदय और चंद्र समय
इस दिन सूर्योदय सुबह 5 बजकर 39 मिनट पर होगा और सूर्यास्त शाम 6 बजकर 57 मिनट पर होगा। वहीं, चंद्रमा का उदय रात 8 बजकर 47 मिनट पर होगा और चंद्रास्त अगले दिन यानी 4 मई को सुबह 6 बजकर 10 मिनट पर होगा।
3 May Panchang: तिथि, नक्षत्र, योग और करण
द्वितीया तिथि 3 मई की रात 3 बजकर 1 मिनट तक रहेगी, जिसके बाद तृतीया तिथि शुरू हो जाएगी। विशाखा नक्षत्र सुबह 7 बजकर 10 मिनट तक रहेगा, इसके बाद अनुराधा नक्षत्र लग जाएगा। वरीयान् योग रात 10 बजकर 28 मिनट तक रहेगा और तैतिल करण दोपहर 1 बजकर 54 मिनट तक प्रभावी रहेगा।

शुभ मुहूर्त
इस दिन कई महत्वपूर्ण शुभ मुहूर्त बन रहे हैं। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 13 मिनट से 4 बजकर 56 मिनट तक रहेगा, जो साधना और पूजा के लिए उत्तम माना जाता है। अभिजित मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 52 मिनट से 12 बजकर 45 मिनट तक रहेगा और इसी दौरान त्रिपुष्कर योग भी सक्रिय रहेगा। विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 31 मिनट से 3 बजकर 25 मिनट तक, गोधूलि मुहूर्त शाम 6 बजकर 56 मिनट से 7 बजकर 18 मिनट तक रहेगा। अमृत काल रात 10 बजकर 21 मिनट से 4 मई की देर रात 12 बजकर 8 मिनट तक रहेगा, जबकि निशिता मुहूर्त रात 11 बजकर 56 मिनट से 12 बजकर 39 मिनट तक रहेगा।
अशुभ समय
जहां एक ओर दिन में कई शुभ योग बन रहे हैं, वहीं कुछ अशुभ समय भी हैं जिनका ध्यान रखना जरूरी है। राहुकाल शाम 5 बजकर 18 मिनट से 6 बजकर 57 मिनट तक रहेगा, इस दौरान कोई नया कार्य शुरू नहीं करना चाहिए। यमगण्ड दोपहर 12 बजकर 18 मिनट से 1 बजकर 58 मिनट तक रहेगा। गुलिक काल दोपहर 3 बजकर 38 मिनट से 5 बजकर 18 मिनट तक रहेगा और दुर्मुहूर्त शाम 5 बजकर 11 मिनट से 6 बजकर 4 मिनट तक रहेगा।
कुल मिलाकर, 3 मई का दिन शुभ योगों से भरपूर है, लेकिन किसी भी नए कार्य की शुरुआत करते समय शुभ और अशुभ समय का ध्यान रखना आवश्यक है।
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