Annapurna Devi: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज होती जा रही है। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि जनता अब बदलाव के लिए तैयार है। उन्होंने दावा किया कि इस बार राज्य में सत्ता परिवर्तन तय है और लोग मौजूदा सरकार से परेशान होकर नया विकल्प चुनने का मन बना चुके हैं।
कानून-व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहद चिंताजनक है। उनके अनुसार, राज्य में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा एक बड़ा मुद्दा बन चुकी है। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर लोग कई तरह की समस्याओं का सामना कर रहे हैं और स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आम जनता को भय और असुरक्षा के माहौल में जीना पड़ रहा है।
Annapurna Devi: ‘कट मनी’ और गुंडागर्दी के आरोप
केंद्रीय मंत्री ने राज्य सरकार पर ‘कट मनी’ और गुंडागर्दी को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इन कारणों से लोगों में भारी नाराजगी है और वे बदलाव की ओर देख रहे हैं। उनके अनुसार, सरकारी योजनाओं का लाभ भी सही तरीके से लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा है, जिससे जनता में असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि इस बार जनता ने स्पष्ट रूप से सरकार बदलने का मन बना लिया है।
महिलाओं की सुरक्षा पर चिंता
अन्नपूर्णा देवी ने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर विशेष चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि महिलाओं को सुरक्षित रहने के लिए शाम के बाद घर से बाहर न निकलने की सलाह दी जाती है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति किसी भी राज्य के लिए ठीक नहीं है, खासकर तब जब राज्य की कमान एक महिला मुख्यमंत्री के हाथ में हो। उन्होंने इस मुद्दे को चुनाव का अहम विषय बताते हुए कहा कि जनता इस बार सुरक्षा और सम्मान को प्राथमिकता दे रही है।
Annapurna Devi: विकास और राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा
इस बीच झारखंड के नेता बाबूलाल मरांडी ने देश के विकास और वैज्ञानिक उपलब्धियों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देश लगातार प्रगति कर रहा है और नई तकनीकों के जरिए ऊर्जा उत्पादन जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की जा रही हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि देश की विकास यात्रा को आगे बढ़ाने के लिए स्थिर और मजबूत नेतृत्व जरूरी है। पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल काफी गरमाया हुआ है। विभिन्न नेताओं के बयान और आरोप-प्रत्यारोप के बीच अब सभी की नजर आगामी परिणामों पर टिकी है, जो राज्य की राजनीतिक दिशा तय करेंगे।








