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ब्रिक्स संसदीय मंच की बैठक में क्यों नहीं आएंगे गालिबाफ? अंतिम समय में ईरान का इनकार

BRICS Meeting:

BRICS Meeting: ईरान की संसद के अध्यक्ष डॉ. मोहम्मद-बाकर गालिबाफ नई दिल्ली में होने वाली 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच की बैठक में शामिल नहीं होंगे। भारत में ईरान के दूतावास ने शनिवार को इसकी जानकारी दी। दूतावास के मुताबिक, कुछ अप्रत्याशित परिस्थितियों के कारण गालिबाफ इस बैठक में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। हालांकि, ईरान का संसदीय प्रतिनिधिमंडल बैठक में शामिल होगा।

BRICS Meeting: क्या बोला ईरान?

भारत में ईरान के दूतावास की ओर से जारी बयान में कहा गया कि ईरान ब्रिक्स के सदस्य के रूप में समूह के शिखर सम्मेलनों और बैठकों में उच्चतम स्तर पर सक्रिय एवं प्रभावी भागीदारी के लिए प्रतिबद्ध है। ईरानी संसदीय प्रतिनिधिमंडल ब्रिक्स सदस्य देशों के प्रतिनिधिमंडलों के साथ संवाद और विचार-विमर्श जारी रखेगा। इसका उद्देश्य विशेष रूप से संसदीय संबंधों और सहयोग के क्षेत्र में द्विपक्षीय एवं बहुपक्षीय सहयोग का विस्तार करना और उसे मजबूत बनाना है।

दूतावास ने बैठक की मेजबानी के लिए भारत सरकार की ओर से की गई व्यवस्थाओं और आतिथ्य के लिए आभार व्यक्त किया। साथ ही, ब्रिक्स सदस्य देशों की संसदों के अध्यक्षों की बैठक की सफलता की कामना करते हुए उम्मीद जताई कि इससे सदस्य देशों के बीच सहयोग और सहभागिता मजबूत करने की दिशा में सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।

BRICS Meeting: मॉस्को में पुतिन से मिलेंगे ईरानी राष्ट्रपति

इस बीच, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन मंगलवार को मॉस्को में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात करेंगे। ईरानी मीडिया ने रूस में ईरान के राजदूत काजेम जलाली के हवाले से शनिवार को यह जानकारी दी। राष्ट्रपति पेजेशकियन गैस निर्यात करने वाले देशों के एक शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए रूस जा रहे हैं। तस्नीम समाचार एजेंसी के अनुसार, दोनों नेताओं के बीच आर्थिक सहयोग और भू-राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।

तेहरान और मॉस्को के बीच जारी रहेगी बातचीत

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि तेहरान और मॉस्को के बीच बातचीत अगले सप्ताह भी जारी रहेगी, जिसमें दोनों देशों के राष्ट्रपति हिस्सा लेंगे। गालिबाफ के ब्रिक्स संसदीय मंच की बैठक में शामिल नहीं होने के बीच ईरानी राष्ट्रपति की रूस यात्रा पर भी नजर रहेगी। हालांकि, ईरान के दूतावास ने गालिबाफ के बैठक में शामिल नहीं होने के पीछे केवल अप्रत्याशित परिस्थितियों का हवाला दिया है।

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