Anant Singh: बिहार की राजनीति में मोकामा के विधायक अनंत सिंह को जनता दल यूनाइटेड (JDU) से छह साल के लिए निष्कासित किए जाने के बाद पार्टी के अंदर चल रहा विवाद चर्चा में है। 24 अक्टूबर 2026 को पार्टी ने उनकी प्राथमिक सदस्यता तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी। कार्रवाई की मुख्य वजह पार्टी ने कथित पार्टी-विरोधी गतिविधियों, वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ आपत्तिजनक बयान और विधान परिषद चुनाव में पार्टी प्रत्याशी के विरोध में प्रचार करना बताई। इस विवाद की जड़ अनंत सिंह और JDU के वरिष्ठ नेता नीरज कुमार के बीच पुरानी राजनीतिक अदावत में है।
अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच विवाद की शुरुआत
अनंत सिंह और JDU के प्रवक्ता एवं विधान परिषद सदस्य नीरज कुमार के बीच लंबे समय से राजनीतिक खींचतान चली आ रही थी। दोनों नेताओं के बीच पुरानी अदावत कई चुनावों और सार्वजनिक बयानों के दौरान सामने आ चुकी थी। सितंबर 2026 में बिहार विधान परिषद की पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की सीट को लेकर यह विवाद फिर खुलकर सामने आया। नीरज कुमार इस सीट से दोबारा चुनाव लड़ रहे थे, जबकि अनंत सिंह ने उनके समर्थन से इनकार कर दिया।
Anant Singh: AK-47 मामले को लेकर अनंत सिंह ने लगाए आरोप
सितंबर में अनंत सिंह ने नीरज कुमार पर आरोप लगाया कि वर्ष 2019 के AK-47 मामले में उन्हें फंसाने की साजिश में नीरज की भूमिका थी। उन्होंने नीरज कुमार को चुनाव में हराने की बात भी कही। हालांकि, ये अनंत सिंह के आरोप थे, जिन्हें नीरज कुमार ने स्वीकार नहीं किया। अनंत सिंह ने यह भी कहा कि नीरज कुमार ने उनके राजनीतिक जीवन में कई बार उनका विरोध किया है। इसी पुरानी नाराजगी को उन्होंने MLC चुनाव में समर्थन नहीं देने की वजह बताया।
पार्टी नेतृत्व ने सुलह कराने की कोशिश की
विवाद बढ़ने के बाद JDU के वरिष्ठ नेताओं ने दोनों के बीच मतभेद दूर करने की कोशिश की। केंद्रीय मंत्री और पार्टी के वरिष्ठ नेता राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने अनंत सिंह से बातचीत की। उन्होंने सार्वजनिक बयानबाजी रोकने की सलाह भी दी। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने अक्टूबर के पहले सप्ताह में कहा था कि विवाद समाधान की दिशा में बढ़ रहा है। हालांकि, दोनों नेताओं के बीच मतभेद पूरी तरह खत्म नहीं हुए।
Anant Singh: नीतीश कुमार का समर्थन नीरज कुमार के साथ दिखा
विवाद के दौरान JDU ने नीरज कुमार के समर्थन में अपनी स्थिति स्पष्ट की। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पार्टी प्रत्याशी नीरज कुमार को चुनाव लड़ने का प्रपत्र सौंपा। इसके बाद पार्टी नेतृत्व की ओर से यह संदेश दिया गया कि नीरज कुमार अधिकृत प्रत्याशी हैं। दूसरी ओर, अनंत सिंह अपने रुख पर कायम रहे और जनसुराज के प्रत्याशी अनुज सिंह का समर्थन करने लगे। इससे पार्टी के भीतर अनुशासन और आधिकारिक प्रत्याशी के समर्थन का सवाल महत्वपूर्ण हो गया।
रोड शो और चुनाव प्रचार ने बढ़ाई मुश्किलें
18 अक्टूबर को मोकामा क्षेत्र में अनुज सिंह के समर्थन में निकाले गए रोड शो को लेकर भी विवाद हुआ। पुलिस ने कथित तौर पर चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में अनंत सिंह, अनुज सिंह और अन्य लोगों के खिलाफ तीन प्राथमिकी दर्ज कीं। आरोपों में निर्धारित सीमा से अधिक वाहनों का इस्तेमाल, सायरन बजाना और जेसीबी मशीनों से फूल बरसाना शामिल था। ये मामले जांच के अधीन हैं। 23 अक्टूबर को विधान परिषद की आठ सीटों के लिए मतदान हुआ और अगले दिन JDU ने अनंत सिंह के खिलाफ कार्रवाई की घोषणा कर दी।
Anant Singh: JDU ने छह साल के लिए क्यों किया निष्कासित?
24 अक्टूबर को बिहार JDU अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने अनंत सिंह को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित करने की घोषणा की। पार्टी ने उन पर निर्देशों की अनदेखी करने, वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ आपत्तिजनक बयान देने और विधान परिषद चुनाव में दूसरे प्रत्याशी के समर्थन में प्रचार करने जैसी पार्टी-विरोधी गतिविधियों के आरोप लगाए। उनकी प्राथमिक सदस्यता तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी गई। पार्टी ने विधानसभा अध्यक्ष से अनंत सिंह की विधायक सदस्यता के संबंध में संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत कार्रवाई करने का अनुरोध भी किया है। हालांकि, पार्टी से निष्कासन और विधानसभा की सदस्यता समाप्त होना अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं। अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता पर अंतिम निर्णय संबंधित संवैधानिक प्रक्रिया के तहत ही होगा।
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