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राज्यसभा उपचुनाव के लिए BJP ने हरदीप सिंह पुरी को बनाया उम्मीदवार, 12 नवंबर को होगा मतदान

Hardeep Singh Puri:

Hardeep Singh Puri: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने मध्य प्रदेश में होने वाले राज्यसभा उपचुनाव 2026 के लिए केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने उनके नाम पर मुहर लगाई है। यह सीट पूर्व केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। इस सीट के लिए 12 नवंबर को उपचुनाव होना है।

Hardeep Singh Puri: 12 नवंबर को होगा राज्यसभा उपचुनाव

मध्य प्रदेश में राज्यसभा की खाली हुई सीट पर 12 नवंबर को उपचुनाव कराया जाएगा। यह सीट एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद रिक्त हुई थी। उपचुनाव से पहले मध्य प्रदेश भाजपा में संभावित उम्मीदवारों के नामों पर चर्चा चल रही थी। इनमें हरदीप सिंह पुरी का नाम भी शामिल था। अब पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने उन्हें उम्मीदवार बनाने का फैसला किया है।

Hardeep Singh Puri: 25 नवंबर को खत्म हो रहा पुरी का राज्यसभा कार्यकाल

हरदीप सिंह पुरी का मौजूदा राज्यसभा कार्यकाल 25 नवंबर को समाप्त होने वाला है। वह उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सदस्य हैं। भाजपा ने हाल ही में हुए राज्यसभा चुनावों में उन्हें उत्तर प्रदेश से दोबारा उम्मीदवार नहीं बनाया था। ऐसे में उच्च सदन में उनकी सदस्यता जारी रहने को लेकर अनिश्चितता बनी हुई थी। अब मध्य प्रदेश की खाली सीट से उम्मीदवार बनाए जाने के बाद उनके राज्यसभा में बने रहने का रास्ता खुल सकता है।

संयुक्त राष्ट्र में भारत का कर चुके हैं प्रतिनिधित्व

हरदीप सिंह पुरी भारतीय राजनीति का जाना-पहचाना चेहरा हैं। राजनीति में आने से पहले उन्होंने भारतीय विदेश सेवा (IFS) के अधिकारी के रूप में काम किया। इस दौरान उन्होंने संयुक्त राष्ट्र में भारत का प्रतिनिधित्व किया और कई महत्वपूर्ण राजनयिक जिम्मेदारियां संभालीं। बाद में उन्होंने सक्रिय राजनीति में कदम रखा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार में मंत्री बने।

मोदी सरकार में संभाल चुके हैं कई मंत्रालय

हरदीप सिंह पुरी ने वर्ष 2014 में भाजपा में शामिल होकर सक्रिय राजनीति की शुरुआत की थी। सितंबर 2017 में उन्हें केंद्र सरकार में आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय की स्वतंत्र जिम्मेदारी सौंपी गई। इसके बाद जुलाई 2021 में वह केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री बने। वर्तमान में वह इसी मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उनकी उम्मीदवारी ऐसे समय में सामने आई है, जब एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद राज्यसभा की खाली हुई सीट को भरने की प्रक्रिया चल रही है।

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