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शेख हसीना के सत्ता से हटने से पहले ही तैयार था तख्तापलट का प्लान, यूनुस के करीबी का बड़ा खुलासा

Bangladesh Coup Plan:

Bangladesh Coup Plan: बांग्लादेश में अगस्त 2024 में शेख हसीना की सरकार गिरने और मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार बनने को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है। दावा किया गया है कि शेख हसीना के देश छोड़ने से पहले ही यह तय हो चुका था कि उनके सत्ता से हटने के बाद बांग्लादेश की कमान किसके हाथों में होगी। इतना ही नहीं, छात्र नेताओं ने हसीना के सत्ता से बेदखल होने से दो दिन पहले ही नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस से संपर्क कर उन्हें अंतरिम सरकार का नेतृत्व संभालने का प्रस्ताव दिया था।

Bangladesh Coup Plan: मोहम्मद यूनुस के पूर्व प्रेस सचिव का चौंकाने वाला खुलासा

यह दावा किसी शेख हसीना समर्थक ने नहीं, बल्कि मोहम्मद यूनुस के पूर्व प्रेस सचिव शफीकुल आलम ने किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर एक पोस्ट के जरिए बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन की तैयारियों से जुड़ी कई अहम बातें साझा कीं। आलम के मुताबिक, इस पूरे घटनाक्रम में AFP के पत्रकार कादरुद्दीन शिशिर ने अहम भूमिका निभाई थी। उन्होंने यूनुस और आंदोलनकारी छात्र नेताओं के बीच संपर्क स्थापित कराने का काम किया था।

Bangladesh Coup Plan: पत्रकार ने यूनुस और छात्र नेताओं के बीच कराई थी बातचीत

शफीकुल आलम के अनुसार, जब छात्र नेताओं ने शेख हसीना के बाद बनने वाली अंतरिम सरकार की कमान मोहम्मद यूनुस को सौंपने का विचार किया, तब उन्हें यूनुस तक पहुंचने के लिए एक भरोसेमंद व्यक्ति की जरूरत थी। ऐसे में AFP के ढाका कार्यालय की फैक्ट-चेक टीम के संपादक कादरुद्दीन शिशिर ने दोनों पक्षों के बीच संपर्क सूत्र की भूमिका निभाई। आलम ने दावा किया कि शिशिर ने सबसे पहले यूनुस से संपर्क किया और इसके बाद उनके तथा प्रदर्शनकारी छात्र नेताओं के बीच शुरुआती बातचीत का रास्ता तैयार हुआ।

बेहद गोपनीय तरीके से तैयार हुई थी पूरी योजना

आलम ने बताया कि यूनुस और छात्र नेताओं के बीच हुई बातचीत को बेहद गोपनीय रखा गया था। इस योजना की जानकारी केवल कुछ चुनिंदा लोगों को थी। उन्होंने दावा किया कि उस समय शेख हसीना की सरकार का सुरक्षा तंत्र काफी मजबूत था, लेकिन इसके बावजूद सरकार को इस गुप्त बातचीत की भनक तक नहीं लगी। आलम के मुताबिक, कादरुद्दीन शिशिर ने इस दौरान आंदोलन के खिलाफ हुई हिंसक कार्रवाई और हत्याओं से जुड़े वीडियो सबूत भी जुटाने शुरू कर दिए थे।

कैसे सत्ता से बाहर हुईं शेख हसीना?

दरअसल, बांग्लादेश में सरकारी नौकरियों में आरक्षण के खिलाफ शुरू हुआ छात्र आंदोलन अगस्त 2024 तक सरकार विरोधी देशव्यापी प्रदर्शन में बदल गया था। लगातार बढ़ते विरोध और हिंसा के बीच 5 अगस्त 2024 को शेख हसीना को प्रधानमंत्री पद छोड़कर देश से बाहर जाना पड़ा। इसके बाद 8 अगस्त 2024 को नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार ने कार्यभार संभाला। करीब डेढ़ साल तक अंतरिम सरकार के शासन के बाद फरवरी 2026 में हुए 13वें संसदीय चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने बड़ी जीत दर्ज की। इसके बाद तारिक रहमान ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली।

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