Rahul Gandhi: दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को होने वाली विपक्ष की रैली से पहले मार्च निकाला जाएगा। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मार्च का पूरा रूट बताते हुए लोगों से इसमें शामिल होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह किसी एक राजनीतिक पार्टी का मार्च नहीं, बल्कि हिंदुस्तान की आत्मा का मार्च है। इस कार्यक्रम में विपक्षी दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं के अलावा आम नागरिक भी शामिल हो सकते हैं।
Rahul Gandhi: मिंटो रोड-कनॉट प्लेस जंक्शन से रामलीला मैदान तक निकलेगा मार्च
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक यूजर के सवाल का जवाब देते हुए मार्च का रूट बताया। उन्होंने कहा कि 1 नवंबर को मिंटो रोड और कनॉट प्लेस के जंक्शन से रामलीला मैदान तक मार्च निकाला जाएगा। राहुल गांधी के मुताबिक, इस मार्च में पूरा विपक्ष शामिल होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह किसी एक राजनीतिक दल का प्रदर्शन नहीं है। इसमें राजनीतिक और गैर-राजनीतिक संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, सिविल सोसायटी, पत्रकारों और आम लोगों का स्वागत है।
Rahul Gandhi: आम नागरिकों और छात्रों से भी शामिल होने की अपील
राहुल गांधी ने कहा कि इस कार्यक्रम में केवल राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता ही नहीं, बल्कि कारोबारी, नौकरीपेशा लोग, छात्र, पत्रकार और सिविल सोसायटी से जुड़े लोग भी शामिल हो सकते हैं। उन्होंने लोगों से इस मार्च का हिस्सा बनने की अपील करते हुए कहा कि जो भी व्यक्ति विरोध करना चाहता है, वह इसमें शामिल हो सकता है।
बारिश के कारण स्थगित हुई मॉक पार्लियामेंट
विपक्ष की ओर से शुक्रवार को मॉक पार्लियामेंट का आयोजन भी किया जाना था, लेकिन बारिश के कारण इसे स्थगित कर दिया गया। राहुल गांधी ने बताया कि अब यह कार्यक्रम शनिवार को उसी समय आयोजित किया जाएगा।
राहुल गांधी ने लगाया लोगों को दिल्ली आने से रोकने का आरोप
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि गृह मंत्री की ओर से लोगों को दिल्ली आने से रोकने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, तेलंगाना और पंजाब से आने वाले कांग्रेस कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों को रोकने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 1 नवंबर को रामलीला मैदान में लोगों की मौजूदगी से पता चल जाएगा कि कितने लोग पहुंचे और कितनों को रोका गया। राहुल गांधी के मुताबिक, देश में लोगों के बीच भारी गुस्सा और भावनात्मक पीड़ा है, क्योंकि लाखों लोगों को उनके मताधिकार से वंचित किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों का वोट छीना जा रहा है।
यह भी पढ़े- भारत में आज भी क्यों होता है बैलेट पेपर से मतदान? जानिए EVM के बजाय इसका इस्तेमाल कहां और क्यों होता है








