Delhi Congress Protest: दिल्ली में वोट चोरी और एसआईआर के मुद्दे को लेकर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी से जुड़े लोगों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि मतदाता सूची से लोगों के नाम हटाए जा रहे हैं और चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी हो रही है। हालांकि, जब प्रदर्शन में शामिल लोगों से इन आरोपों और एसआईआर की प्रक्रिया को लेकर सवाल किए गए, तो अलग-अलग तरह के जवाब सामने आए। कुछ लोगों ने अपने परिवार के सदस्यों के नाम वोटर लिस्ट से कटने का दावा किया, तो कुछ ने माना कि उनका अपना वोट सुरक्षित है। ख़बर इंडिया ने प्रदर्शन स्थल पर पहुंचकर लोगों से इन मुद्दों पर सवाल किए और उनकी राय जानी।
Delhi Congress Protest: वोट कटने के दावों पर अलग-अलग जवाब
प्रदर्शन में शामिल कुछ लोगों ने दावा किया कि उनके परिवार के सदस्यों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। वहीं, कुछ प्रदर्शनकारियों ने बताया कि उनके नाम वोटर लिस्ट में मौजूद हैं, लेकिन वे दूसरे लोगों के साथ कथित तौर पर हुई गड़बड़ी के विरोध में आए हैं। ऐसे में सवाल यह भी उठा कि जब किसी व्यक्ति का अपना वोट सुरक्षित है, तो वह किन आधारों पर वोट चोरी का आरोप लगा रहा है।कुछ प्रदर्शनकारियों ने वोटर लिस्ट के अलावा मजदूरों और गरीबों से जुड़े मुद्दों को भी उठाया। उनका कहना था कि आम लोगों की समस्याओं पर ध्यान दिया जाना चाहिए। हालांकि, प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा वोट चोरी और एसआईआर ही रहा।
Delhi Congress Protest: यूपी में फर्जी वोट बनने का दावा
उत्तर प्रदेश से आए कुछ लोगों ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों का आरोप लगाया। एक व्यक्ति ने मेरठ कैंट के एक मतदान केंद्र पर 6-7 फर्जी वोट होने का दावा किया। हालांकि, इस दावे के समर्थन में मौके पर कोई स्वतंत्र प्रमाण सामने नहीं आया। ऐसे आरोपों की पुष्टि संबंधित दस्तावेजों और आधिकारिक रिकॉर्ड से होना जरूरी है।
Delhi Congress Protest: पूर्व सैनिक के परिवार ने बताई दस्तावेजों की परेशानी
प्रदर्शन में शामिल एक व्यक्ति ने अपने पिता के पूर्व सैनिक होने का जिक्र किया। उसने बताया कि उनके पिता 1998 में सेना से रिटायर हुए थे, लेकिन परिवार से 2003 की मतदाता सूची से जुड़ा प्रमाण मांगा जा रहा है। परिवार का कहना था कि उनके पास रक्षा पहचान पत्र से जुड़ी प्रक्रिया भी पूरी नहीं हुई है। इस मामले में दस्तावेजों और मतदाता सूची से जुड़े नियमों को समझना जरूरी है।
कर्नाटक से जुड़े एक मामले का जिक्र करते हुए एक प्रदर्शनकारी ने दावा किया कि वहां कांग्रेस की सरकार होने के बावजूद लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं। इस बयान के जरिए उसने सवाल उठाया कि अगर राज्य में कांग्रेस की सरकार है, तो फिर ऐसी गड़बड़ियां कैसे हो रही हैं। हालांकि, इस दावे की भी स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई।
एसआईआर को लेकर प्रदर्शनकारियों की अलग-अलग राय
एसआईआर यानी विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर प्रदर्शन में शामिल लोगों की राय एक जैसी नहीं थी। कुछ लोगों ने इसे मतदाता सूची में गड़बड़ी रोकने की प्रक्रिया के रूप में देखने के बजाय नाम हटाने की कार्रवाई बताया। वहीं, कुछ लोगों को इस प्रक्रिया और इसके नियमों की पूरी जानकारी नहीं थी। ऐसे में यह सवाल महत्वपूर्ण है कि विरोध कर रहे लोग एसआईआर की प्रक्रिया, उसके उद्देश्य और आपत्ति दर्ज कराने के तरीकों को कितना समझते हैं।
Delhi Congress Protest: बैलेट पेपर या ईवीएम, किससे हो चुनाव?
प्रदर्शन के दौरान ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग भी उठाई गई। कुछ लोगों ने बैलेट पेपर को बेहतर बताया, जबकि कुछ ने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता की बात कही। इस मुद्दे पर प्रदर्शनकारियों के बीच भी अलग-अलग विचार देखने को मिले।
एक प्रदर्शनकारी ने एक विधानसभा क्षेत्र में 13 हजार से अधिक कथित फर्जी वोट होने का दावा किया। उसने इस मामले में एक टीम के काम करने और कई लोगों के नाम सामने आने की बात भी कही। हालांकि, इतने बड़े दावे के समर्थन में कोई आधिकारिक दस्तावेज या स्वतंत्र पुष्टि मौके पर प्रस्तुत नहीं की गई। इसलिए इन आंकड़ों को प्रदर्शनकारी का दावा ही माना जाना चाहिए।
सीतापुर से आए युवक ने बताई प्रदर्शन में शामिल होने की वजह
सीतापुर से आए एक युवक ने बताया कि वह वोट चोरी के मुद्दे पर अपनी आवाज उठाने के लिए दिल्ली पहुंचा है। उससे भी इस मुद्दे और एसआईआर को लेकर सवाल किए गए। प्रदर्शन में शामिल होने की वजह बताते हुए उसने अपनी राजनीतिक और सामाजिक चिंताएं रखीं।प्रदर्शन के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग भी उठाई गई। इस पर सवाल किया गया कि संवैधानिक पद पर बैठे मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की प्रक्रिया क्या है और इसके लिए किन नियमों का पालन करना होता है। इस मुद्दे पर भी प्रदर्शनकारियों के जवाबों में स्पष्टता की कमी दिखाई दी।
Delhi Congress Protest: हरियाणा के किसान नेता ने रखी बात
प्रदर्शन में उठे सवाल, लेकिन दावों की पुष्टि जरूरी
दिल्ली में हुए इस प्रदर्शन में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी से जुड़े लोगों ने वोट चोरी, एसआईआर और चुनाव प्रक्रिया को लेकर कई आरोप लगाए। ख़बर इंडिया ने मौके पर मौजूद लोगों से सवाल किए, जिनके जवाबों में कई तरह के दावे और अलग-अलग राय सामने आईं। हालांकि, प्रदर्शनकारियों की ओर से लगाए गए आरोपों और आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है। केवल आरोपों के आधार पर चुनाव प्रक्रिया या मतदाता सूची में गड़बड़ी को सही नहीं माना जा सकता।








