SIR in West Bengal: झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के बयान पर सियासत तेज हो गई है। इरफान अंसारी ने एक जनसभा में कहा कि एसआईआर मतदाता सूची से विपक्ष के लोगों के नाम काटने के लिए हो रहा है। उन्होंने बीएलओ घर आए तो उसे बंधक बनाने की बात भी कही। इस पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने प्रतिक्रिया दी है। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि इस तरह की बातें करने वाले दल और नेता शायद एसआईआर की सच्चाई समझने का न तो प्रयास कर रहे हैं और न ही वे समझना चाहते हैं। हम एसआईआर का स्वागत करते हैं।
एसआईआर का फॉर्म भरें सभी लोग
केशव प्रसाद मौर्य ने आगे कहा कि बाबा साहब अंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान की दृष्टि से एसआईआर हो रहा है। अगर ऐसा नहीं होगा तो पोल बूथ पर कब्जा करने वाले, बूथ को लूटने वाले, फर्जी मतदान करने वाले घुसपैठियों को सूची से निकालने का काम अधूरा रह जाएगा। यह अच्छा हो रहा है, सभी लोग एसआईआर का फॉर्म भरें। मृतक लोगों का नाम हटना चाहिए, जो वोट देने लायक हो गए हैं, उनका नाम जुड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही जिनका एक से अधिक जगहों पर नाम है, तो एक स्थान पर होना चाहिए। अगर किसी घुसपैठिए का नाम मतदाता सूची में है तो उसे हटना चाहिए।
SIR in West Bengal: उत्तर प्रदेश धर्मशाला नहीं
वहीं, घुसपैठियों को डिटेंशन सेंटर में रखने के सीएम योगी के बयान पर उन्होंने कहा कि भारत और उत्तर प्रदेश धर्मशाला नहीं है। पाकिस्तान, बांग्लादेश के सिख, ईसाई, हिंदू, बौद्ध के लिए पहले ही कानून बन चुका है। उन्हें पनाह दी जाएगी, लेकिन अगर कोई बांग्लादेश का मुस्लिम घुसपैठिया भारत में आए तो उसे खोजकर वापस भेजा जाएगा। दूसरी तरफ, इरफान अंसारी ने बयान पर विवाद बढ़ने पर सफाई दी। उन्होंने कहा कि मैंने फर्जी बीएलओ पर बात की थी, भाजपा उसे तोड़-मरोड़ कर पेश कर रही है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि उन्होंने केवल इतना कहा था कि कुछ फर्जी लोग नकली बीएलओ बनकर ग्रामीणों को डराने, धमकाने और पैसे वसूलने की कोशिश कर रहे थे। ग्रामीणों ने शिकायत की कि कुछ संदिग्ध लोग नाम काटने का डर दिखाकर पैसे मांग रहे हैं। ऐसी कई शिकायतें प्राप्त हुई थीं, जिन्हें मैंने जामताड़ा उपायुक्त के संज्ञान में दिया था और इस पर विशेष निगरानी रखने का अनुरोध किया था।
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