Chhatarpur news: मध्य प्रदेश के छतरपुर में उर्वरक वितरण के दौरान बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि एक महिला नायब तहसीलदार ने टोकन मांग रही किसान की बेटी को थप्पड़ मार दिया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आते ही प्रशासन हरकत में आया और जिला कलेक्टर ने आरोपी नायब तहसीलदार रितु सिंघई को 24 घंटे में स्पष्टीकरण देने का नोटिस जारी किया है। चेतावनी दी गई है कि जवाब न मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। घटना बुधवार दोपहर कृषि मंडी की बताई जा रही है, जहां डेढ़ हजार से ज्यादा किसान यूरिया लेने पहुंचे थे और लंबी कतारों के बीच अव्यवस्था फैल गई।
Chhatarpur news: प्रत्यक्षदर्शियों का दावा: टोकन मांगने पर मारा थप्पड़
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पुरुष और महिलाओं की अलग कतारें बनाई गई थीं। इसी दौरान पारा गांव की रहने वाली एमए की छात्रा, जो किसान की बेटी है, टोकन मांग रही थी। आरोप है कि नायब तहसीलदार रितु सिंघई ने पहले मना किया और फिर उसे थप्पड़ मार दिया। पीड़िता का कहना है कि उसके माता-पिता दो महीने से खाद के लिए भटक रहे थे, इसलिए वह सुबह 9 बजे से कतार में खड़ी थी। उसका यह भी दावा है कि अधिकारी ने उसके बाल तक खींचे और अन्य महिलाओं के साथ भी हाथापाई की।
Chhatarpur news: नायब तहसीलदार का इनकार: “मैंने किसी को थप्पड़ नहीं मारा”
रितु सिंघई ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है। उनका कहना है कि कुछ महिलाएं पुरुषों की लाइन में घुस गईं, जिससे अव्यवस्था बढ़ी। उन्होंने कहा कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सिर्फ हल्का धक्का दिया था, न कि थप्पड़। पत्रकारों के मोबाइल छीनने के आरोपों को भी उन्होंने खारिज किया। घटना के बाद किसानों में गुस्सा फैल गया और उन्होंने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। किसानों का आरोप है कि 15 ट्रक उर्वरक की कालाबाजारी की जा रही थी।
कलेक्टर ने जारी किया नोटिस, अधिकारी ICU में भर्ती
जिला कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने मध्य प्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के तहत नायब तहसीलदार को कारण बताओ नोटिस भेजा है। कहा गया है कि यदि 24 घंटे के भीतर जवाब नहीं आया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। नोटिस के बाद रितु सिंघई reportedly बीमार हो गईं और उन्हें जिला अस्पताल के ICU में भर्ती कराया गया है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया: “क्या खाद मांगना अपराध हो गया?”
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विपक्ष के नेता उमंग सिंघार ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, “मध्य प्रदेश में अगर किसान खाद मांगें तो प्रशासन उन्हें थप्पड़ मारता है? यह कुशासन की पराकाष्ठा है।” सिंघार ने कहा कि इससे पहले भी खाद वितरण के दौरान अधिकारी द्वारा किसान को थप्पड़ मारने की घटना सामने आ चुकी है। उन्होंने मुख्यमंत्री से तुरंत हस्तक्षेप कर आरोपी अधिकारी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि यह पूरा मामला प्रदेश में खाद की कमी और कालाबाजारी की गंभीर स्थिति को फिर से उजागर करता है। वायरल वीडियो की जांच जारी है।
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