Arunachal pradesh accident: अरुणाचल प्रदेश में एक भीषण हादसा देखने को मिला है। जिसमें एक ट्रक के खाई में गिरने से लगभग 22 मजदूर अपनी जान गवा चुके है लगतार उनके शवों को बहार निकाला जा रहा है। जिसके बाद अब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अरुणाचल प्रदेश के अंजॉ जिले में हुए भीषण सड़क हादसे पर दुख जताया है । इसके साथ ही केंद्र सरकार ने हादसे में जान गंवाने वाले पीड़ितों के परिजनों को 2 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए का मुआवजा देने की घोषणा भी की है ।
Arunachal pradesh accident: हादसे पर राष्ट्रपति मुर्मू ने जताया शोक
अरुणाचल प्रदेश के अंजॉ जिले में मजदूरों को ले जा रहा एक ट्रक पहाड़ी रास्ते से फिसलकर हजारों फीट गहरी खाई में जा गिरा। बताया जा रहा है कि इस हादसे में कुछ मजदूरों की जानें चली गई हैं। यह हादसा हायलांग-चगलाघम मार्ग पर मेटेंगलियांग के पास हुआ है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ”अरुणाचल प्रदेश के अंजॉ जिले में सड़क हादसे में लोगों की जान जाने की खबर सुनकर दुख हुआ। मेरी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं। मैं घायलों के जल्द ठीक होने की कामना करती हूं।”
Arunachal pradesh accident: पीएम मोदी ने भी जताया शोक
प्रधानमंत्री कार्यालय ने पीएम नरेंद्र मोदी के हवाले से लिखा, ”अरुणाचल प्रदेश के अंजॉ जिले में एक हादसे में लोगों की जान जाने से दुखी हूं। मेरी संवेदनाएं उन लोगों के साथ हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है। मैं घायलों के जल्द ठीक होने की प्रार्थना करता हूं। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से हर मृतक के परिवार को 2 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाएगा। घायलों को 50,000 रुपए दिए जाएंगे।”
अब जानिए कैसे हुए हादसा ?
गुरुवार को अरुणाचल प्रदेश के चागलागाम क्षेत्र में एक बड़ा सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। यह ऑपरेशन तिनसुकिया से ट्रक सवार मजदूरों के लिए चलाया जा रहा है। जिनका वाहन एक गहरी खाई में जा गिरा। माना जा रहा है कि हादसा 8 दिसंबर की रात को केएम 40 के पास हुआ। 10 दिसंबर की देर रात इसका पता तब चला जब एक शख्स चिपरा जीआरईएफ कैंप पहुंचा और उसने अधिकारियों को अलर्ट किया।
दूरदराज इलाके में बचाव मुश्किल
हादसे में जीवित बचे व्यक्ति की शुरुआती जानकारी के अनुसार, वाहन सड़क से फिसल गया और नीचे दुर्गम जंगल वाली खाई में जा गिरा। यह जगह, जो चागलागाम से लगभग 12 किमी पहले है, एक दूरदराज के इलाके में है जहां कनेक्टिविटी बहुत कम है। जिंदा बचे हुए व्यक्ति के आने तक किसी भी स्थानीय एजेंसी, ठेकेदार या सिविल प्रतिनिधि ने लापता मजदूरों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी थी। पता चलने के बाद राहत कार्यों में गति आई। 11 दिसंबर को, भारतीय सेना की स्पीयर कोर ने मेडिकल टीमों, जीआरईएफ कर्मियों, स्थानीय पुलिस, एनडीआरएफ सदस्यों और हयूलियांग के अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) के साथ बचाव दल भेजा।
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