India Pakistan: भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने अपने दो दिवसीय जैसलमेर प्रवास के दौरान शनिवार को भारत‑पाकिस्तान अंतर्राष्ट्रीय सीमा का दौरा किया। इस अवसर पर सीमांत मुख्यालय जोधपुर के महानिरीक्षक एमएल गर्ग ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
शहीदों को श्रद्धांजलि और गार्ड ऑफ ऑनर
दौरे की शुरुआत में मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने मंदिर परिसर स्थित विजय स्तम्भ पर पुष्पचक्र अर्पित कर देश के लिए बलिदान देने वाले शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद सीमा सुरक्षा बल की विशेष गार्ड टुकड़ी द्वारा उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया। मुख्य न्यायाधीश ने इसके उपरांत तनोट माता के दर्शन किए और विधिवत पूजा‑अर्चना की। उन्होंने देश की सुख‑समृद्धि, शांति और सुरक्षा के लिए प्रार्थना की। इस दौरान धार्मिक और राष्ट्रभाव से जुड़ा वातावरण देखने को मिला।
India Pakistan: सीमा चौकी का निरीक्षण, जवानों से संवाद
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने भारत‑पाकिस्तान अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर स्थित सीमा चौकी का भी दौरा किया। उन्होंने वहां तैनात सीमा सुरक्षा बल के जवानों और महिला प्रहरियों से बातचीत कर उनकी कार्य‑परिस्थितियों की जानकारी ली तथा कठिन भौगोलिक और जलवायु परिस्थितियों में कर्तव्य निभा रहे जवानों का उत्साहवर्धन किया।
जवानों के साहस और समर्पण की सराहना
जवानों को संबोधित करते हुए मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि देश की प्रथम रक्षा पंक्ति के रूप में सीमा सुरक्षा बल के जवानों की कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन और समर्पण पर पूरा देश गर्व करता है। उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का उल्लेख करते हुए कहा कि बीएसएफ जवानों ने कठिन परिस्थितियों और संभावित खतरों के बावजूद अदम्य साहस और सतर्कता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन किया। दौरे के अंतिम चरण में उन्होंने जवानों की निस्वार्थ सेवा, राष्ट्र के प्रति अटूट प्रतिबद्धता और बलिदान भावना की भूरि‑भूरि प्रशंसा की। इस अवसर पर बीएसएफ के कई वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।







