Feast of the Seven Fishes: हर साल 25 दिसंबर दुनियाभर में क्रिसमस का त्यौहार बड़े ही रौनक और धूम-धाम से मनाया जाता है।इस दिन को बड़ा दिन भी कहा जाता है और इस दिन को प्रार्थनाओं, सुंदर सजावट और परिवार के साथ समय बिताने का प्रतीक है। इस दिन से जुड़ी कई ऐसी परंपराएं है जिनका अपने आप में बड़ा गहरा धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। आज हम ऐसे ही एक ख़ास और अलग रिवाज के बारे में जानने वाले है।

क्रिसमस ईव का खास रिवाज़
इस दिन सात प्रकार की मछलियों को खाने की परंपरा है, जिसे खास तौर पर इतालवी-अमेरिकी कैथोलिक परिवारों में निभाया जाता है। यह परंपरा क्रिसमस ईव यानी 24 दिसंबर की रात को मनाई जाती है। सात मछलियों का पर्व दरसल एक तरह की पारंपरिक भोजन परंपरा है, जिसे लोग क्रिसमस से एक रात पहले मनाते है। बता दें, इसकी शुरुआत रोमन कैथोलिक धार्मिक नियमों से जुड़ी हुई है। कैथोलिक मान्यताओं के मुताबिक, क्रिसमस जैसे बड़े पर्व से पहले उपवास रखा जाता है। इस दौरान मांस और डेयरी चीजों का सेवन नहीं किया जाता। ऐसे में मछली और समुद्री भोजन को भोजन का मुख्य हिस्सा बनाया गया, जो धीरे-धीरे एक खास परंपरा बन गई।

Feast of the Seven Fishes: बाइबिल में सात का अर्थ
इस दिन सात प्रकार की मछलियां बनाने के पीछे एक मुख्य कारण है। वैसे तो हर परिवार अपनी सुविधा के अनुसार मछलियां बना सकता है, लेकिन सात संख्या का एक विशेष धार्मिक महत्व होता है। रोमन कैथोलिक चर्च में सात प्रकार के संस्कारों का उल्लेख किया गया है, जो मानव जीवन के विभिन्न चरणों को दर्शाते हैं। बाइबिल के अनुसार, भगवान ने सृष्टि की रचना सात दिनों में की थी। इसके साथ ही बाइबिल में सात को एक शुभ और पूर्ण संख्या माना गया है। सात अंक इतालवी संस्कृति के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इटली की राजधानी रोम सात पहाड़ियों पर बसी हुई है। इसी कारण रोम को कैथोलिक धर्म का केंद्र माना जाता है।
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