SIR Error: पूर्व बर्धमान में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। SIR की खसड़ा (प्रारंभिक) सूची में एक व्यक्ति के नाम के सामने उसे “मृत” बताया गया, जबकि वह पूरी तरह जीवित है। यह देखकर गुरुवार को वह व्यक्ति खुद कालना नगरपालिका पहुंच गया, ताकि अपने ही डेथ सर्टिफिकेट के बारे में जानकारी ले सके। इस घटना से नगरपालिका में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

बीएलओ पर सवाल, परिवार ने लगाए गंभीर आरोप
जानकारी के मुताबिक, कालना नगरपालिका के वार्ड नंबर 12 के कालीनगर पाड़ा निवासी पूर्ण साहा ने समय पर एन्यूमरेशन फॉर्म भरकर जमा किया था। परिवार का आरोप है कि फॉर्म जमा करते समय बीएलओ ने रिसीव पर्ची पर उन्हें “मृत” लिखकर फॉर्म स्वीकार कर लिया। परिवार का कहना है कि बीएलओ उनके घर फॉर्म लेने नहीं आए थे, बल्कि किसी और जगह बैठकर फॉर्म लिया गया था। उस वक्त फॉर्म में क्या लिखा गया था, यह वे ठीक से देख नहीं पाए। परिवार ने यह भी बताया कि वे ज्यादा पढ़े-लिखे नहीं हैं और अंग्रेज़ी में लिखी बातों को समझ नहीं सके।
SIR Error: पार्षद ने बताया चुनाव आयोग की साजिश
जब इस मामले में संबंधित बीएलओ से बात करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने मीडिया से कोई भी बयान देने से इनकार कर दिया। हालांकि उन्होंने इतना जरूर कहा कि “जिसे मृत बताया गया है, उसे मेरे सामने लाकर पेश किया जाए।” इस मामले को लेकर कालना के पार्षद संदीप बसु ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की साजिश के तहत असली मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं और इसके पीछे भाजपा की भूमिका भी हो सकती है।

प्रशासन ने जांच का दिया आश्वासन
वहीं, खुद को जीवित बताते हुए पूर्ण साहा ने कहा, “मैं जीवित हूँ, फिर भी मुझे मृत दिखाया गया है। इसी वजह से डेथ सर्टिफिकेट के बारे में जानकारी लेने नगरपालिका आया हूँ।” इस पूरे मामले पर कालना के अनुमंडल पदाधिकारी अहिंसा जैन ने कहा कि उन्हें इस बारे में जानकारी मीडिया के जरिए मिली है। मामले की पूरी जांच की जाएगी और उसके बाद जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
Report By: Pijush






