Lakhimpur Kheri: लखीमपुर खीरी जनपद में उस समय सियासी सरगर्मी तेज हो गई, जब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के ‘प्रान्तीय आवाहन’ पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय स्थित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यालय का जोरदार घेराव किया। पूर्व सांसद और दिग्गज नेता रवि प्रकाश वर्मा के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में कांग्रेस जन सड़कों पर उतरे और सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस प्रदर्शन ने जिले में कांग्रेस की सक्रियता को एक नई धार दी है। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यह घेराव केवल एक सांकेतिक विरोध नहीं है, बल्कि यह जनता की आवाज को सत्ता के कानों तक पहुँचाने का एक प्रयास है।
रवि प्रकाश वर्मा के नेतृत्व में एकजुट दिखी कांग्रेस
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे पूर्व सांसद रवि प्रकाश वर्मा ने भाजपा कार्यालय के बाहर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार जनविरोधी नीतियों पर चल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में किसानों, युवाओं और आम जनता की समस्याओं को अनसुना किया जा रहा है। वर्मा ने जोर देकर कहा कि कांग्रेस पार्टी जनहित के मुद्दों पर पीछे हटने वाली नहीं है और सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष जारी रहेगा। घेराव के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस प्रशासन के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। पुलिस ने भाजपा कार्यालय की सुरक्षा के लिए कड़े इंतजाम किए थे और प्रदर्शनकारियों को कार्यालय के मुख्य गेट से कुछ दूरी पर ही रोकने का प्रयास किया, लेकिन उत्साहित कांग्रेस जन बैरिकेडिंग के पास डटे रहे।
Lakhimpur Kheri: प्रमुख नेताओं की रही गरिमामयी उपस्थिति
इस घेराव कार्यक्रम में जिले के दिग्गज कांग्रेसी नेताओं ने कंधे से कंधा मिलाकर हिस्सा लिया। जिला उपाध्यक्ष डॉ. रईस अहमद उस्मानी और प्रेम कुमार वर्मा ने कार्यकर्ताओं में जोश भरा। प्रदर्शन में प्रमुख रूप से निम्नलिखित लोग शामिल रहे:
वरिष्ठ नेता: नारायण लाल, कृष्ण कुमार मिश्रा, और रामपाल शाक्य। सक्रिय कार्यकर्ता: लतीफ, जमील अहमद, इकबाल अहमद, मतीन शाह और नवाज अहमद। महिला शक्ति: मंजू मिश्रा के नेतृत्व में महिलाओं ने भी इस विरोध प्रदर्शन में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
इन मुद्दों की गूंज से राजनीति में हलचल
कांग्रेसियों का आरोप है कि जिले में विकास कार्य ठप हैं और कानून व्यवस्था चरमरा गई है। प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर आयोजित इस घेराव का मुख्य उद्देश्य सत्ताधारी दल को उसकी विफलताओं का एहसास कराना था। प्रदर्शनकारियों ने साफ कर दिया कि यदि सरकार ने अपनी कार्यशैली में सुधार नहीं किया, तो आने वाले दिनों में यह आंदोलन और भी उग्र रूप धारण करेगा। देर शाम तक चले इस हंगामे और घेराव के बाद कांग्रेस नेताओं ने एक ज्ञापन भी सौंपा। इस दौरान सुरक्षा की दृष्टि से भारी पुलिस बल तैनात रहा। लखीमपुर खीरी की राजनीति में इस घटनाक्रम को विपक्षी एकता और मजबूती के तौर पर देखा जा रहा है।
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