Renu Chaudhary viral video: दिल्ली के पटपड़गंज वार्ड की बीजेपी पार्षद रेनू चौधरी का हाल ही में एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वायरल वीडियो में वे एक सार्वजनिक पार्क में एक अफ्रीकी फुटबॉल कोच को फटकार लगते और चेतावनी देते हुए नजर आ रही हैं कि उन्हें एक महीने के भीतर हिंदी भाषा सीखना होगा, अगर ऐसा नहीं होता है तो उनसे पार्क का अधिकार छीन लिया जाएगा।
अफ्रीकी कोच को एक महीने में हिंदी सीखने की चेतावनी
बता दें, यह अफ्रीकी नागरिक पिछले लगभग 15 साल से उसी इलाके में रह रहा है और दिल्ली नगर निगम से पार्क को किराए पर लिया है। वह उस पार्क में बच्चों को वहां फुटबॉल कोचिंग देता है।
इस वीडियो में रेनुका चौधरी कोच से सवाल करती है कि इतने साल होने के बाद भी वह अब तक हिंदी क्यों नहीं सीखा और इसी के साथ जल्द से जल्द हिंदी भाषा सीखने के लिए कहती है। इसी के साथ चौधरी नियमों के बारे में बात करते हुए भी दिखाई देती हैं और कहती है कि रात को 8 बजे पार्क बंद हो जाना चाहिए।दरसल, निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि पार्क रात 11 बजे तक खुला रहता है। रेनुका चौधरी ने नियमों का उलंघन होने से किसी भी तरह आपराधिक गतिविधि होने पर उसकी जिम्मेदारी लेने को कहां है।
An African man has been teaching football to Indian kids in a park in Delhi for the last 12 years
BJP councillor Renu Chaudhary went to the park and gave him an ultimatum, if he doesn’t learn Hindi within the next one month, he must leave India
New Indiapic.twitter.com/zJR1JUx7CG
— Dr Nimo Yadav 2.0 (@DrNimoYadav) December 22, 2025
Renu Chaudhary viral video: चौधरी का सोशल मीडिया वीडियो में बयान
अपने सोशल मीडिया पर शनिवार को चौधरी ने एक वीडियो अपलोड किया जिसमे वह कहती है कि, “आप सीरियस नहीं हैं। तुम सीरियस हो ही नहीं मेरी बात के लिए। सुन के भी राजी नहीं हो तुम। क्यों नहीं सीखी हिंदी। अगर इसने एक महीने में हिंदी नहीं सीखी तो इससे पार्क छीन लो। ये हंसने की बात नहीं है, मैं सीरियस बात बोल रही हूं। ये बात बताए हुए मुझे आठ महीने हो गए हैं। अगर एक महीने में हिंदी नहीं सीखी, यहां की मातृभाषा नहीं सीखी, यहां का पैसा खा रहे हो तो मुंह से हिंदी बोलना भी सीखो। सब सोसाइटी वालों ने बोला था कि वह हमारे बच्चों को सिखाता है, इसलिए मैंने छोड़ दिया था।”
फुटबॉल कोच ने मीडिया से साझा की प्रतिक्रिया
जिसके बाद मीडिया के बात करते हुए विदेशी फुटबॉलर ने जानकारी दी कि, “हर सेशन में हमारे पास 40-45 छात्र होते थे। यह बहुत आनंददायक था। कोविड आने तक सब कुछ सही तरीके से चल रहा था।2022 से, मैंने प्रतिभाशाली लेकिन संसाधनों से रहित बच्चों को चुना है, उन्हें जर्सी दी है और उन्हें प्रतियोगिताओं में भेजा है।कई लोग सेना अधिकारी और पुलिसकर्मी बन गए हैं।पहले तो मैंने इसे मजाक समझा, वह एक अच्छी महिला लग रही थी। लेकिन फिर वह बार-बार वही बात दोहराती रही।मैं डरा हुआ हूं। अगर यह सिलसिला जारी रहा, तो मुझे जल्द ही यहां से जाना पड़ सकता है।”






