Iran Violent Protests: ईरान की अर्थव्यवस्था काफी समय से खराब चल रही है, जिसके चलते अब लोगों में आक्रोश देखने को मिल रहा है। अर्थव्यवस्था की खराब हालत को देखते हुए वहां के नागरिक विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, जो अब ग्रामीण इलाकों तक भी पहुंच चुके हैं।
हिंसा में मौतें, जवान शहीद
प्रदर्शनों के दौरान हिंसा की खबरें भी सामने आ रही हैं, जिनमें अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है। गुरुवार को पांच लोगों की मौत हुई, जबकि बुधवार को एक व्यक्ति की जान गई थी। झड़पों में ईरान की पैरामिलिट्री फोर्स का एक जवान भी मारा गया है, वहीं 13 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
इन मौतों के बाद प्रदर्शन कर रहे लोग और भी ज्यादा बेकाबू होते नजर आ रहे हैं। बता दें कि इस प्रदर्शन की शुरुआत तेहरान से हुई थी, जो अब लगभग 50 से अधिक शहरों तक फैल चुका है। दरअसल, ईरान के लोग बढ़ती महंगाई से परेशान हैं और सुरक्षाबलों द्वारा की गई कार्रवाई के बाद ये प्रदर्शन और अधिक उग्र हो गए हैं। सबसे अधिक हिंसक घटनाएं आजना शहर से सामने आ रही हैं।

Iran Violent Protests: लोरदेगान में झड़प और आगजनी
गौरतलब है कि ईरान के लोरदेगान इलाके में हथियारों से लैस प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़प हुई। इसके साथ ही प्रदर्शनकारियों ने गवर्नर के कार्यालय में आग लगा दी और कुछ लोगों ने शहर में मौजूद ईरानी रिवॉल्यूशनरी गार्ड की इमारत पर भी कब्जा कर लिया। इतना ही नहीं, देश की अदालतों की इमारतों पर भी प्रदर्शनकारियों के कब्जा जमाने की खबरें सामने आई हैं। ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि अंतरराष्ट्रीय मीडिया के अनुसार कुल 20 लोगों की गिरफ्तारी हुई है।
प्रतिबंधों से कमजोर अर्थव्यवस्था
1979 में हुई इस्लामिक क्रांति के बाद से अमेरिका और कई यूरोपीय देशों ने ईरान पर लगातार प्रतिबंध लगाए हैं। इन प्रतिबंधों का सीधा असर ईरान की अर्थव्यवस्था पर पड़ा है, जिससे देश की आर्थिक स्थिति काफी कमजोर हो गई है।
पिछले साल जून में पहले इजरायल के साथ तनाव और उसके बाद अमेरिका द्वारा की गई बमबारी के बाद ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ सहयोग बंद कर दिया। इसके जवाब में अमेरिका और यूरोपीय देशों ने ईरान पर और नए प्रतिबंध लगा दिए।

इन प्रतिबंधों की वजह से ईरान की मुद्रा रियाल की कीमत तेजी से गिर गई है। एक साल पहले जहां एक अमेरिकी डॉलर करीब 8 लाख रियाल में मिलता था, अब उसकी कीमत बढ़कर लगभग 15 लाख रियाल हो गई है। देश में महंगाई दर करीब 50 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है, जिससे आम लोगों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं।
बातचीत से समाधान की कोशिश
लोगों के बढ़ते गुस्से और विरोध को देखते हुए ईरान की सरकार दबाव में नजर आ रही है। सरकार का कहना है कि वह जनता की परेशानियों को समझती है और प्रदर्शन कर रहे लोगों की बात सुन रही है।
इसी बीच ईरान सरकार की प्रवक्ता फातिमा मोहाजिरानी ने कहा है, “मैं दोहराना चाहती हूं कि भले ही हमारे देश के नागरिक विरोध प्रदर्शन कर रहे हों और उनके प्रदर्शन बेहद उग्र हों, फिर भी उनकी बातें सुनना सरकार का फर्ज है। हम बातचीत के जरिए शांति कायम करने के लिए पूरी कोशिश करेंगे। बातचीत की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है और सुधार भी किए जा रहे हैं। राष्ट्रपति ने निर्देश दिए हैं कि बातचीत का माहौल बनाया जाए और इंशाअल्लाह हम बहुत जल्द समाज और अर्थव्यवस्था में स्थिरता देखेंगे।”






