Republic Day 2026: भारत अपने 77वें गणतंत्र दिवस समारोह की तैयारियों में जुट गया है। 26 जनवरी 2026 को कर्तव्य पथ पर होने वाली परेड इस बार बेहद खास होने वाली है। इस ऐतिहासिक अवसर पर भारत ने एक नहीं, बल्कि दो विदेशी मेहमानों को मुख्य अतिथि (Chief Guest) के रूप में आमंत्रित किया है।इस वर्ष यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला गर्ट्रूड वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो लुइस सैंटोस दा भारत के राजकीय मेहमान होंगे।
Republic Day 2026: यूरोपीय संघ के साथ मजबूत होते रिश्तों का प्रतीक
गणतंत्र दिवस पर दो बड़े अंतरराष्ट्रीय नेताओं की मौजूदगी भारत और यूरोपीय संघ के बीच बढ़ते रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को दर्शाती है। यह पहली बार होगा जब यूरोपीय संघ के इन दो शीर्ष संस्थानों के प्रमुख एक साथ भारत के राष्ट्रीय पर्व की शोभा बढ़ाएंगे।
Republic Day 2026: कौन हैं उर्सुला वॉन डेर लेयेन?
उर्सुला वॉन डेर लेयेन यूरोपीय राजनीति का एक बहुत बड़ा नाम हैं। उनके बारे में कुछ खास बातें नीचे दी गई हैं:
पेशे से डॉक्टर: अक्टूबर 1958 में जन्मी उर्सुला राजनीति में आने से पहले एक चिकित्सक (Doctor) थीं।
ऐतिहासिक उपलब्धि: वह जर्मनी के इतिहास में पहली महिला सांसद होने का गौरव रखती हैं।
अनुभवी नेता: उर्सुला जर्मनी की ‘क्रिश्चियन डेमोक्रेटिक यूनियन’ पार्टी से जुड़ी हैं। वह 2005 से 2013 के बीच जर्मनी में महिला, युवा और श्रम मामलों की मंत्री रह चुकी हैं।
रक्षा मंत्रालय का कार्यभार: उन्होंने जर्मनी की रक्षा मंत्री के रूप में भी अपनी सेवाएं दी हैं, जो उनके कूटनीतिक अनुभव को और मजबूत बनाता है।
एंटोनियो लुइस सैंटोस दा: यूरोपीय परिषद का चेहरा
उनके साथ आने वाले दूसरे मुख्य अतिथि एंटोनियो लुइस सैंटोस दा हैं, जो वर्तमान में यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष के रूप में अपनी भूमिका निभा रहे हैं। भारत की इस पहल को वैश्विक मंच पर एक मजबूत संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
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