Mamata Banerjee: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखकर विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं, प्रक्रिया उल्लंघन और प्रशासनिक लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया बिना ठोस योजना, स्पष्ट दिशा और पर्याप्त तैयारी के जल्दबाजी में लागू की जा रही है, जिससे हालात सुधरने के बजाय और बिगड़ते जा रहे हैं। अलग-अलग राज्यों में अलग नियम और मनमानी समय-सीमाएं लोकतांत्रिक प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े करती हैं।
अनौपचारिक निर्देश और आईटी सिस्टम के दुरुपयोग पर चिंता
सीएम ममता ने आरोप लगाया कि एसआईआर से जुड़े अहम निर्देश रोजाना व्हाट्सएप और टेक्स्ट मैसेज जैसे अनौपचारिक माध्यमों से दिए जा रहे हैं, जबकि कोई औपचारिक अधिसूचना या लिखित आदेश जारी नहीं हो रहे। उन्होंने आईटी सिस्टम के दुरुपयोग के जरिए बैकएंड से मतदाताओं के नाम हटाए जाने के गंभीर आरोप भी लगाए। साथ ही फैमिली रजिस्टर और राज्य सरकार द्वारा जारी डोमिसाइल सर्टिफिकेट को अचानक अमान्य ठहराए जाने को भेदभावपूर्ण और मनमाना बताया।
Mamata Banerjee: पात्र मतदाताओं के अधिकार छिनने की आशंका
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रक्रिया से बुजुर्ग, बीमार और प्रवासी मजदूरों में भय और तनाव का माहौल बन रहा है। अंतर-जिला और अंतर-राज्य जांच तय समय में पूरी न हो पाने के कारण बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के नाम हटने का खतरा है। उन्होंने चुनाव आयोग से खामियों को तुरंत दूर करने और आवश्यक सुधार करने की मांग की, चेतावनी देते हुए कहा कि यदि वर्तमान स्वरूप में एसआईआर जारी रहा तो यह लोकतंत्र और संविधान की मूल भावना पर सीधा प्रहार होगा।
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