Breaking News
Home » अंतर्राष्ट्रीय » ट्रम्प का बड़ा दावा- ईरान यूरेनियम देने को तैयार, बोले शांति समझौता करीब, डील पाकिस्तान में हुई तो करेंगे दौरा

ट्रम्प का बड़ा दावा- ईरान यूरेनियम देने को तैयार, बोले शांति समझौता करीब, डील पाकिस्तान में हुई तो करेंगे दौरा

ईरान-अमेरिका समझौता करीब
Spread the love

Iran US Deal News: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि ईरान अपने पास रखा संवर्धित यूरेनियम अमेरिका को देने के लिए तैयार हो सकता है। अमेरिका को आशंका है कि इसी यूरेनियम का उपयोग परमाणु हथियार बनाने में किया जा सकता है।

व्हाइट हाउस में बातचीत के दौरान ट्रम्प ने बताया कि दोनों देशों के बीच चल रही बातचीत अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है और शांति समझौते की संभावना काफी मजबूत हो गई है। उनका कहना है कि यदि सब कुछ ठीक रहा तो जल्द ही कोई बड़ा फैसला सामने आ सकता है।

उन्होंने यह भी कहा कि समझौता होने पर तेल की आपूर्ति सामान्य हो जाएगी और होर्मुज जलडमरूमध्य खुला रहेगा, जिससे वैश्विक स्तर पर राहत मिलेगी। ट्रम्प ने यह भी संकेत दिया कि यदि समझौता इस्लामाबाद में होता है तो वे वहां जा सकते हैं।हालांकि ईरान के सरकारी मीडिया ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि यह केवल कल्पना पर आधारित बातें हैं।

ईरान-अमेरिका समझौता करीब
ईरान-अमेरिका समझौता करीब

इजराइल और लेबनान के बीच अस्थायी शांति

इजराइल और लेबनान के बीच दस दिनों के युद्धविराम पर सहमति बनी है, जो गुरुवार देर रात से लागू हो गया।ट्रम्प ने अपने सामाजिक मंच Truth Social पर बताया कि उन्होंने लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बातचीत की, जिसके बाद यह फैसला संभव हो सका।

परमाणु कार्यक्रम को लेकर बढ़ती चिंता

ईरान का परमाणु कार्यक्रम लंबे समय से चिंता का विषय बना हुआ है। यूरेनियम ऐसा तत्व है जिससे ऊर्जा भी बनाई जा सकती है और परमाणु हथियार भी। यह पूरी तरह इस बात पर निर्भर करता है कि उसे कितना शुद्ध किया गया है।

प्राकृतिक यूरेनियम को मशीनों के जरिए कई चरणों में शुद्ध किया जाता है। इस प्रक्रिया को संवर्धन कहा जाता है। अंतरराष्ट्रीय संस्था IAEA के अनुसार ईरान के पास पांच से छह टन तक संवर्धित यूरेनियम मौजूद है।

इसमें से लगभग एक सौ बीस से एक सौ तीस किलोग्राम यूरेनियम को साठ प्रतिशत तक शुद्ध किया जा चुका है। यदि यह स्तर नब्बे प्रतिशत तक पहुंचता है तो इससे परमाणु हथियार बनाना संभव हो सकता है। यही कारण है कि अमेरिका और इजराइल लगातार दबाव बना रहे हैं।

Iran US Deal News: हाल के प्रमुख घटनाक्रम

अमेरिका की पहल पर इजराइल और लेबनान के बीच युद्धविराम लागू किया गया है ताकि स्थायी शांति की दिशा में बातचीत आगे बढ़ सके। इस व्यवस्था के तहत इजराइल अपनी सुरक्षा के लिए कदम उठा सकता है, लेकिन कोई आक्रामक कार्रवाई नहीं करेगा।

दूसरी ओर लेबनान सरकार से कहा गया है कि वह हिजबुल्लाह को इजराइल पर हमले करने से रोके, हालांकि इस संगठन पर उसका पूरा नियंत्रण नहीं है।साथ ही अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत को लेकर यह भी कहा जा रहा है कि यदि समझौता नहीं हुआ तो तनाव फिर से बढ़ सकता है।

युद्धविराम के बाद आम लोगों को राहत

युद्धविराम लागू होने के बाद लेबनान के सिडोन शहर में हालात धीरे-धीरे सामान्य होने लगे हैं। बड़ी संख्या में लोग अपने घरों की ओर लौट रहे हैं और सड़कों पर भारी भीड़ देखी जा रही है।इस संघर्ष के कारण विशेष रूप से दक्षिणी लेबनान में दस लाख से अधिक लोग अपने घर छोड़ने के लिए मजबूर हुए थे। अब उन्हें अस्थायी राहत मिली है।

Iran US Deal News: ईरान-अमेरिका समझौता करीब
ईरान-अमेरिका समझौता करीब

Iran US Deal News: ईरान की सैन्य ताकत अभी भी मौजूद

अमेरिकी रक्षा खुफिया से जुड़े अधिकारी जेम्स एडम्स ने बताया कि हमलों के बावजूद ईरान के पास अभी भी बड़ी संख्या में मिसाइलें और ड्रोन मौजूद हैं।उन्होंने यह भी कहा कि कई मिसाइल प्रक्षेपण प्रणाली अभी भी सुरक्षित हैं और ईरान की सैन्य क्षमता पूरी तरह खत्म नहीं हुई है, जिससे क्षेत्र में खतरा बना हुआ है।

मिडिल ईस्ट में बढ़ती सैन्य सक्रियता

यूनाइटेड स्टेट्स सेंट्रल कमांड के अनुसार पश्चिम एशिया में अमेरिकी सेना पूरी तरह तैयार है और किसी भी स्थिति का सामना करने के लिए तैनात है।इसी दौरान यह भी जानकारी सामने आई है कि चीन ईरान को उन्नत रडार प्रणाली देने पर विचार कर रहा था, जिससे उसकी रक्षा क्षमता और मजबूत हो सकती थी।

Iran US Deal News: अमेरिका की सख्त रणनीति

अमेरिका ने ईरान के आसपास अपने सैन्य संसाधनों की तैनाती बढ़ा दी है, जिसमें युद्धपोत, विमान और बड़ी संख्या में सैनिक शामिल हैं। इसका उद्देश्य ईरान पर दबाव बनाए रखना है।

ट्रम्प ने कहा कि ईरान के खिलाफ की गई कार्रवाई जरूरी थी और इससे बड़े खतरे को टाल दिया गया। उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपनी बातचीत को सकारात्मक बताया और कहा कि दोनों के बीच अच्छे संबंध हैं।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और समर्थन

दुनिया के कई देशों ने इस स्थिति पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। दक्षिण कोरिया ने प्रभावित लोगों की मदद के लिए बड़ा आर्थिक पैकेज घोषित किया है।कतर ने युद्धविराम का स्वागत करते हुए इसे शांति की दिशा में पहला कदम बताया है। वहीं NATO को लेकर ट्रम्प ने नाराजगी जताई है कि उसने अमेरिका का साथ नहीं दिया।

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इस युद्धविराम को शांति की दिशा में एक अहम कदम बताते हुए सभी पक्षों से इसे पूरी तरह लागू करने की अपील की है।

ईरान-अमेरिका समझौता करीब
ईरान-अमेरिका समझौता करीब

युद्धविराम के बावजूद लेबनान में जारी हमले

इजराइल और लेबनान के बीच आधिकारिक रूप से युद्धविराम लागू होने के सिर्फ एक घंटे बाद ही इसके उल्लंघन की खबरें सामने आने लगीं। दक्षिणी लेबनान के खियाम और डिबाइन इलाकों में इजराइली तोपखाने की गोलाबारी जारी रही।

रिपोर्ट्स के अनुसार, केवल तोपों से ही नहीं बल्कि कई जगहों पर मशीनगनों से भी फायरिंग की गई। इसके साथ ही सेना द्वारा तलाशी अभियान भी चलाया गया। पश्चिमी बेका घाटी में भी हालात सामान्य नहीं हुए हैं। वहां के रशाया और जबल अल-शेख के ऊपर इजराइल के जासूसी विमान लगातार उड़ान भरते देखे गए, जिससे तनाव बना हुआ है।

ईरान-अमेरिका समझौता करीब
ईरान-अमेरिका समझौता करीब

G-7 देशों की चिंता: युद्ध से बढ़ रहा आर्थिक नुकसान

दुनिया के प्रमुख देशों के समूह G-7 के वित्त मंत्री और केंद्रीय बैंक के गवर्नर वॉशिंगटन में एक बैठक में शामिल हुए। इस बैठक के बाद उन्होंने चेतावनी दी कि मिडिल ईस्ट में चल रहे लंबे संघर्ष के आर्थिक असर को रोकना अब बेहद जरूरी हो गया है।जारी बयान में कहा गया कि इस युद्ध की वजह से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भारी दबाव पड़ रहा है। अगर इसे जल्द नहीं रोका गया, तो पूरी दुनिया को इसका बड़ा नुकसान झेलना पड़ सकता है।

G-7 देशों ने साफ कहा कि क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करना अब सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए। उनका मानना है कि अगर युद्ध लंबा खिंचता है, तो वैश्विक बाजार और आर्थिक स्थिति और ज्यादा बिगड़ सकती है, इसलिए शांति प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाना जरूरी है।

हिजबुल्लाह के बड़े हमलों का दावा

लेबनान की सरकारी न्यूज एजेंसी के मुताबिक, हिजबुल्लाह ने इजराइल के कई सैन्य ठिकानों पर बड़े हमले करने का दावा किया है।हिजबुल्लाह ने कहा कि उसने कर्मिएल इलाके पर मिसाइलें दागीं। इसके अलावा अल-मलिकिया और रास अल-नकौरा में इजराइली सैनिकों को ड्रोन से निशाना बनाया गया।

समूह ने यह भी दावा किया कि बिंत जुबैल में इजराइल के मर्कावा टैंक को मिसाइल से नष्ट किया गया और अल-अदीसा तथा कफर जलादी में तोपखानों पर हमला किया गया।एक अन्य बड़े हमले में हिजबुल्लाह ने गोलन हाइट्स के अल-अलीका बैरक में इजराइल के ‘आयरन डोम’ सिस्टम को निशाना बनाया। इसके साथ ही नहारिया शहर पर दो बार मिसाइल हमले किए गए।

सीजफायर के दौरान भी तैनात रहेगी इजराइली सेना

इजराइल ने साफ कर दिया है कि 10 दिन के सीजफायर के बावजूद उसकी सेना दक्षिणी लेबनान में मौजूद रहेगी और किसी भी खतरे की स्थिति में तुरंत कार्रवाई करेगी।रिपोर्ट्स के अनुसार, यह व्यवस्था नवंबर 2024 के युद्धविराम जैसी ही होगी, जब उल्लंघन के आरोप लगने पर हिजबुल्लाह पर हमले जारी रखे गए थे।

ईरान-अमेरिका समझौता करीब
ईरान-अमेरिका समझौता करीब

इजराइल ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर अगले 10 दिनों के भीतर लेबनान सरकार हिजबुल्लाह के खिलाफ सख्त कदम नहीं उठाती है, तो वह खुद कार्रवाई करेगा।फिलहाल इजराइली सेना जमीनी ऑपरेशन के तहत दक्षिणी लेबनान में कई किलोमीटर अंदर तक तैनात है। हालांकि, अब तक सीजफायर की शर्तों को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

ये भी पढ़ें…आधी रात गुजर गई, फिर भी महिला सांसदों का जोश कायम, सभी को मिला बोलने का मौका

 

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments