Bangladesh News: बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के नेता और कार्यवाहक अध्यक्ष तारिक रहमान की 17 साल बाद देश में वापसी को लेकर पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। शेख हसीना ने कहा कि तारिक रहमान की वापसी बांग्लादेश की राजनीति में किसी बदलाव या सुधार का संकेत नहीं है, बल्कि यह उसी राजनीति की वापसी है जिसकी देश पहले ही भारी कीमत चुका चुका है। उनके मुताबिक, इससे राजनीतिक ध्रुवीकरण और गहरा हो सकता है।
भ्रष्टाचार और जवाबदेही पर सवाल
शेख हसीना ने कहा कि तारिक रहमान ने लंबे समय तक ब्रिटेन में देश निकाले का जीवन बिताया, जो आम बांग्लादेशियों की रोजमर्रा की वास्तविकताओं से पूरी तरह अलग रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि यह निर्वासन भ्रष्टाचार और सत्ता के दुरुपयोग के मामलों में जवाबदेही से बचने का जरिया था। हसीना की सरकार ने खालिदा जिया के शासनकाल के दौरान तारिक पर एक समानांतर पावर सेंटर चलाने और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए थे। उल्लेखनीय है कि तारिक रहमान, पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के पुत्र हैं।
Bangladesh News: चुनाव, हिंसा और अंतरराष्ट्रीय नजर
वर्तमान हालात पर चिंता जताते हुए शेख हसीना ने कहा कि देश में हिंसा चरम पर है और कट्टरपंथी समूहों में कानून का भय कमजोर हुआ है। ऐसे समय में तारिक रहमान की मौजूदगी सुधार की बजाय तनाव बढ़ा सकती है। बीएनपी के चुनाव से दूर रहने और हालिया सर्वे में तारिक के प्रधानमंत्री पद की दौड़ में आगे बताए जाने से राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है। हसीना ने आरोप लगाया कि बीएनपी कार्यकर्ता आम लोगों को डराकर वोट देने के लिए मजबूर कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि बांग्लादेश का भविष्य भ्रष्टाचार, हिंसा और कट्टरपंथी ताकतों से जुड़ी राजनीति के सहारे नहीं बनाया जा सकता।
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