Makar Sankranti: 14 जनवरी को पूरा देश मकर संक्रांति मनाने वाला है, लेकिन इस बार की मकर संक्रांति कुछ अलग होने वाली है। दरअसल, इसी दिन एक और बन रहे संयोग से सभी संकोच में पढ़ गए है।
एकादशी की तिथि कब तक रहेगी? जानिए सही समय
बता दें इस बार मकर संक्रांति के साथ षटतिला एकादशी भी 14 जनवरी को ही मनाया जाएगा। सनातन संस्कृति में एकादशी के दिन चावल बनाना और खाना वर्जित होता है, दूसरी तरफ मकर संक्रांति पर दाल-चावल की खिचड़ी बनाई और खाई जाती है। ऐसे में सवालआता है किअबइस दिनखिचड़ी का सेवन किया जा सकता है या नहीं।

Makar Sankranti: 2003 में भी बना था ऐसा ही संयोग
बता दे इससे पूर्व 2003 में भीइसी तरह का सहयोग बना थाजब एकादशी और संक्रांति एक साथ एक ही दिन पर थी। ज्योतिष विशेषज्ञके मुताबिक इस तरह के मौके पर इस बात का ध्यान रखें कि एकादशी तिथि संक्रांति पर कितने बजे से कितने बजे तक रहने वाली है। इस बार 14 जनवरी को एकादशी शाम के करीब 5:52 बजे समाप्त हो जाएगी। इसीलिए आप शाम के समय दाल चावल की खिचड़ी बना सकते है।
क्या कहता है सनातन धर्म और परंपरा
इसी के साथ कुछ ज्योतिष विशेषज्ञों का मानना है कि हिन्दू संस्कृति में आने वाले सभी शुभ तिथियां अथवा त्योहार हर प्रकार के बाध्यता मुक्त माने जाते हैं। इसी वजह से मकर संक्रांति पर खिचड़ी बनाई जा सकती है और परिवार के लोग इसका सेवन कर सकते है।
Disclaimer: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से साझा किया गया है। किसी तरह के नियम कोई अपनाने से पूर्व विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।






