Home » उत्तर प्रदेश » अफसर बनने का ऐसा ग़ुरूर की तमीज़ ही भूल गए… होमगार्ड ने खोल दी IAS की पोल, जानें क्या है मामला…

अफसर बनने का ऐसा ग़ुरूर की तमीज़ ही भूल गए… होमगार्ड ने खोल दी IAS की पोल, जानें क्या है मामला…

Bahraich News

Bahraich News: बहराइच जिले में महसी उपजिलाधिकारी आलोक प्रसाद को होमगार्डों द्वारा लगाए गए जातिसूचक गाली देने और अपमानित करने के गंभीर आरोपों से राहत मिल गई है। जिला प्रशासन द्वारा कराई गई जांच में सभी आरोप निराधार पाए गए हैं, जिसके बाद उपजिलाधिकारी को क्लीनचिट दे दी गई है।

पहले पढ़े क्या था मामला?

गौरतलब है कि बुधवार को होमगार्ड रमाकांत मिश्रा, रामकुमार तिवारी और राजाराम शुक्ला ने उपजिलाधिकारी आलोक प्रसाद पर जातिसूचक शब्दों के प्रयोग और अपमानित करने का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी और मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की थी। होमगार्डों का आरोप था कि एक दिव्यांग युवक को उनके कमरे में लाए जाने पर उपजिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए अभद्र भाषा का प्रयोग किया।

Bahraich News: आरोपों की नहीं हुई पुष्टि

हालांकि उपजिलाधिकारी आलोक प्रसाद ने शुरू से ही इन आरोपों को बेहद गंभीर लेकिन पूरी तरह निराधार बताया था। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जिलाधिकारी के निर्देश पर गुरुवार को मुख्य राजस्व अधिकारी महसी तहसील पहुंचे और पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच की। जांच के दौरान शिकायतकर्ता होमगार्डों, संबंधित दिव्यांग युवक, उपजिलाधिकारी तथा अन्य कर्मचारियों के बयान दर्ज किए गए। साथ ही घटनाक्रम से जुड़े सभी पहलुओं की बारीकी से पड़ताल की गई।

मामले में अपर जिलाधिकारी अमित कुमार ने बताया कि जांच के दौरान शिकायतकर्ता अपने आरोपों की पुष्टि के लिए कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सके। जांच अधिकारी की रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि लगाए गए आरोपों की पुष्टि नहीं होती और शिकायत पूरी तरह निराधार है। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद प्रशासन ने उपजिलाधिकारी आलोक प्रसाद को क्लीनचिट दे दी है, जिससे मामले पर विराम लग गया है।

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