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कानपुर में दरोगा और पत्रकार पर गैंगरेप का आरोप, नाबालिग से दरिंदगी, हटाए गए DCP, सस्पेंड हुए इंस्पेक्टर

Kanpur News
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Kanpur News: सचेंडी थाना क्षेत्र में 14 वर्षीय किशोरी के गैंगरेप केस ने पुलिस महकमे में भूचाल ला दिया है। पीड़िता ने बिठूर थाने में तैनात दरोगा अमित मौर्या और स्थानीय पत्रकार शिवबरन पर स्कॉर्पियों में गैंगरेप का आरोप लगाया है। पुलिस ने पत्रकार को गिरफ्तार कर लिया है जबकि आरोपी दरोगा अब भी फरार है। मामले में लापरवाही बरतने पर शहर के DCP वैस्ट दिनेश चंद्र त्रिपाठी को हटा दिया गया है और सचेंडी थाना प्रभारी को निलंबित कर दिया गया है।

रात में नाबालिग को स्कॉर्पियों में उठाया गया

पीड़िता के अनुसार, सोमवार रात करीब 10 बजे वह घर के बाहर निकली थी तभी एक स्कॉर्पियो वहां आकर रुकी। गाड़ी में सवार दो लोगों ने उसे जबरन अंदर खींच लिया। इनमें से एक पुलिसकर्मी था। दोनों आरोपियों ने सचेंडी क्षेत्र के पास रेलवे लाइन किनारे सुनसान जगह पर गाड़ी रोककर उसके साथ गैंगरेप किया। बाद में उसे घर के पास ही बदहवास हालत में फेककर फरार हो गए।

Kanpur News: भाई ने किया खुलासा पुलिस ने शुरू में टालमटोल की

किशोरी के भाई ने बताया कि रात करीब 12 बजे बहन घर के बाहर बेहोश मिली। होश आने पर उसने पूरी घटना बताई। परिवार ने पुलिस को डायल-112 पर सूचना दी। मौके पर पहुंची टीम ने दोनों को चौकी ले तो गई. लेकिन जब पीड़िता ने बताया कि एक आरोपी पुलिस वाला है तो उन्हें वापस भेज दिया गया। मंगलवार को परिजनों ने उच्चाधिकारियों से संपर्क किया तब जाकर एफआईआर दर्ज हुई। शुरुआती रिपोर्ट में आरोपियों के नाम शामिल नहीं थे मामले को अज्ञात के खिलाफ दर्ज किया गया।

पत्रकार बोला मुझे साजिशन फंसाया गया

गिरफ्तार पत्रकार शिवबरन ने पुलिस के सामने खुद को निर्दोष बताया। उसने कहा कि उसे दरोगा अमित मौर्या ने लोहा चोरी की जांच के बहाने बुलाया था। यह दरोगा की स्कॉर्पियो में बैठा था लेकिन किसी लड़की को उसने देखा भी नहीं। बाद में उसे झूठे आरोप में फंसा दिया गया। शिवबरन ने कहा आप मेडिकल करा लीजिए अगर मैं दोषी हूं तो जेल भेज दीजिए। मुझे रंजिशन फसाया गया है।

Kanpur News: पुलिस की कार्रवाई और भारी दबाव

पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने मामले में तुरंत कार्रवाई की। DCP वेस्ट दिनेश चंद्र त्रिपाठी को उनके पद से हटाकर DCP मुख्यालय से अटैच कर दिया गया। सचेंडी इंस्पेक्टर विक्रम सिंह को सस्पेंड किया गया है, क्योंकि उन्होंने एफआईआर में पॉक्सो एक्ट की धाराएं नहीं जोड़ीं। एडीसीपी वेस्ट कपिल देव सिंह को जांच की जिम्मेदारी दी गई है। उन्होंने घटनास्थल का मुआयना किया और दुकानदारों से पूछताछ की। फोरेंसिक टीम ने मौके से अहम सबूत जुटाए हैं। स्कॉर्पियो (UP 78 JJ 9331) जो दरोगा अमित की बताई जा रही है को जब्त कर लिया गया है।

परिजन डरे हुए आरोपी अभी फरार

पीड़िता ने बताया कि पुलिस ने उसका मोबाइल जब्त कर लिया है और मेडिकल जांच के बाद देर रात तीसरे पहर घर भेजा गया। परिवार लगातार आरोपियों से मिल रही धमकियों के कारण दहशत में है। पुलिस टीमों ने फरार दरोगा की तलाश तेज कर दी है लेकिन अब तक उसका कोई सुराग नहीं मिला है। यह मामला न केवल कानपुर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करता है बल्कि यह भी दिखाता है कि कानूनव्यवस्था में जवाबदेही की कितनी सख्त जरूरत है।

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