US–Russia tanker dispute: अमेरिका ने जब्त किए गए रूसी झंडे वाले ऑयल टैंकर जहाज मैरिनेरा से दो रूसी नागरिकों को रिहा कर दिया है। इस संबंध में रूस के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने शुक्रवार को आधिकारिक बयान जारी किया। उन्होंने बताया कि यह फैसला अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रूस के अनुरोध पर लिया है।
रूस के दबाव में अमेरिका ने फैसला लिया
रूस ने इस मामले को लेकर अमेरिका पर लगातार दबाव बनाया था और अपने नागरिकों की रिहाई की मांग की थी। अमेरिका ने 7 जनवरी को उत्तरी अटलांटिक महासागर में इस टैंकर को जब्त किया था। हालांकि जहाज पर मौजूद तीन भारतीय नागरिकों को अब तक रिहा नहीं किया गया है, जिससे भारत से जुड़े सवाल भी खड़े हो रहे हैं।
US–Russia tanker dispute: अमेरिका ने टैंकर को ‘शैडो फ्लीट’ बताया
रिपोर्ट के मुताबिक, मैरिनेरा जहाज पर कुल 28 लोग सवार थे, जिनमें 17 यूक्रेनी, 6 जॉर्जियाई, 3 भारतीय और 2 रूसी नागरिक शामिल थे। अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि यह टैंकर रूस की तथाकथित ‘शैडो फ्लीट’ का हिस्सा था और वेनेजुएला से तेल की ढुलाई कर रहा था, जो अमेरिकी प्रतिबंधों का उल्लंघन है।
US–Russia tanker dispute: कैरेबियन सागर में एक और टैंकर पर कार्रवाई
इसी बीच अमेरिका ने शुक्रवार को कैरेबियन सागर में एक और ऑयल टैंकर ओलिना को भी हिरासत में लिया है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, पिछले तीन दिनों में यह तीसरा मामला है जब किसी प्रतिबंधित टैंकर के खिलाफ कार्रवाई की गई है। यह ऑपरेशन जॉइंट टास्क फोर्स साउदर्न स्पीयर के तहत अमेरिकी मरीन और नौसेना द्वारा अंजाम दिया गया।
USS जेराल्ड आर. फोर्ड से लॉन्च हुआ ऑपरेशन
अमेरिकी बयान के मुताबिक, यह कार्रवाई एयरक्राफ्ट कैरियर USS जेराल्ड आर. फोर्ड से लॉन्च की गई और पूरे ऑपरेशन के दौरान किसी तरह की झड़प या नुकसान की सूचना नहीं मिली। फिलहाल टैंकर ओलिना के झंडे, स्वामित्व और क्रू की नागरिकता को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
रूस ने अंतरराष्ट्रीय कानून के उल्लंघन का आरोप लगाया
रूस के विदेश मंत्रालय ने पहले ही अमेरिका को सूचित कर दिया था कि यह जहाज रूसी है और नागरिक उपयोग के लिए काम कर रहा है। रूस ने मांग की थी कि जहाज पर मौजूद नागरिकों के साथ मानवीय व्यवहार किया जाए और उन्हें सुरक्षित स्वदेश लौटने दिया जाए। रूस ने अमेरिकी कार्रवाई पर कड़ा विरोध जताते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून का उल्लंघन बताया है। रूसी परिवहन मंत्रालय का कहना है कि अमेरिकी बलों ने जहाज को खुले समुद्र में रोका, जहां किसी भी देश का संप्रभु अधिकार लागू नहीं होता।
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