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केवकंद: तना, जड़ और पत्तियों में छिपे हैं औषधीय गुण, शारीरिक कमजोरी को करेगा छूमंतर

केवकंद या जंगली अदरक आयुर्वेद में सदियों से उपयोग होती रही है। यह जोड़ों के दर्द, किडनी की समस्याओं, पाचन और बच्चों के स्वास्थ्य में लाभकारी औषधि है।
केवकंद: जंगली अदरक का चमत्कारी औषधीय गुण

Kevkand Benefits Ayurveda: आयुर्वेद में सदियों से दुर्लभ जड़ी-बूटियों का उपयोग गंभीर रोगों के इलाज के लिए किया जाता रहा है। ऐसे कई आयुर्वेदिक औषधि हैं, जो शरीर की कमजोरी और जोड़ों की समस्या में प्राकृतिक दवा की तरह काम करती हैं।

जड़ों और पत्तियों में भरपूर औषधीय गुण

केवकंद, जिसे जंगली अदरक, केमुआ या केमुक के नाम से भी जाना जाता है, इसी तरह की एक औषधि है। इसके पौधे की जड़, तना और पत्तियां सभी स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद मानी जाती हैं। यह भारत में आसानी से मिल जाता है और विदेशों में भी पाया जाता है, लेकिन इसके चमत्कारी गुणों के बारे में बहुत कम लोग जानते हैं।

Kevkand Benefits Ayurveda: जंगली अदरक का चमत्कारी औषधीय गुण
केवकंद: जंगली अदरक का चमत्कारी औषधीय गुण

Kevkand Benefits Ayurveda: आयुर्वेद में केवकंद के चमत्कारी लाभ

आयुर्वेद में केवकंद के फूल से लेकर पत्तियों तक का इस्तेमाल होता रहा है। विशेष रूप से इसकी कंद (जड़) कई रोगों में लाभकारी मानी जाती है। केवकंद की कंद को वात और कफ दोष को संतुलित करने वाली औषधि माना गया है। इसके कंद की सब्जी या सूप बनाकर सेवन किया जा सकता है, खासकर सर्दियों में क्योंकि इसकी तासीर बहुत गर्म होती है।

केवकंद: जंगली अदरक का चमत्कारी औषधीय गुण
केवकंद: जंगली अदरक का चमत्कारी औषधीय गुण

केवकंद का काढ़ा देता तुरंत आराम

यदि किडनी में पथरी की समस्या है या किडनी की कार्य क्षमता कम हो गई है, तो केवकंद का काढ़ा बहुत उपयोगी होता है। इसके सेवन से बार-बार पेशाब में जलन, बूंद-बूंद पेशाब आने की समस्या कम होती है और संक्रमण का खतरा भी घटता है। इसके अलावा, बाजार में उपलब्ध केवकंद का चूर्णगठिया और शरीर की सूजन में राहत देने के लिए फायदेमंद है।

पेचिश और पेट की समस्याओं में राहत

केवकंद को भूनकर उसमें शर्करा और इमली मिलाकर चटनी भी बनाई जा सकती है। यह चटनी पेचिश, दस्त और अन्य पाचन संबंधी समस्याओं में लाभकारी है। खासकर बच्चों में पेट के कीड़े की समस्या बहुत होती है। ऐसे में बच्चों को केवकंद का रस शहद में मिलाकर देने से उन्हें आराम मिलता है और पाचन तंत्र ठीक से काम करता है।

केवकंद: जंगली अदरक का चमत्कारी औषधीय गुण
केवकंद: जंगली अदरक का चमत्कारी औषधीय गुण

मधुमेह और सावधानी के लिए चेतावनी

मधुमेह के मरीज भी केवकंद का सेवन कर सकते हैं। इसके काढ़े और पत्तियों का उपयोग किया जा सकता है। हालांकि, किसी भी गंभीर बीमारी, मधुमेह या किडनी रोग से पहले आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह लेना जरूरी है।

केवकंद की तासीर गर्म होती है, इसलिए इसके अत्यधिक सेवन से शरीर में गर्मी और जलन बढ़ सकती है। गर्भवती महिलाएं इसे न लें। किसी भी गंभीर रोग में, या मधुमेह और किडनी की समस्या होने पर, चिकित्सक की सलाह अवश्य लें।

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