T-20 WC 2026: T-20 विश्व कप 2026 के सुपर-8 चरण में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भारत को मिली 76 रनों की करारी शिकस्त ने क्रिकेट गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। इस हार के बाद टीम इंडिया के दिग्गज स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने टीम प्रबंधन की रणनीति पर कड़ा प्रहार किया है। अश्विन का मानना है कि उप-कप्तान अक्षर पटेल को सही तरीके से इस्तेमाल न करना भारत की हार की सबसे बड़ी वजह बना। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि अक्षर पटेल सही क्रम पर टीम में मौजूद होते, तो भारत 188 रनों के लक्ष्य को आसानी से हासिल कर सकता था।
T-20 WC 2026: अक्षर पटेल को बताया T-20 का असली नायक
अपने यूट्यूब चैनल ‘अश की बात’ पर चर्चा करते हुए अश्विन ने अक्षर पटेल की जमकर प्रशंसा की और उन्हें टी20 फॉर्मेट का ‘असली एमवीपी’ (Most Valuable Player) करार दिया। अश्विन ने कहा कि अक्षर ने इस छोटे फॉर्मेट में लगातार अपनी उपयोगिता साबित की है और उन्हें टीम से बाहर रखना या सही मौका न देना समझ से परे है। उन्होंने टीम प्रबंधन को सलाह देते हुए कहा कि आईपीएल जैसे टूर्नामेंट में आंकड़ों और मैच-अप्स का महत्व हो सकता है, लेकिन आईसीसी के बड़े आयोजनों में टीम की मजबूती और स्थिरता कहीं अधिक महत्वपूर्ण होती है।
T-20 WC 2026: अतीत की सफलता का दिया हवाला
अश्विन ने भारतीय प्रशंसकों को टी20 विश्व कप 2024 के फाइनल की याद दिलाई, जहाँ भारत ने शुरुआत में ही अपने अहम विकेट खो दिए थे। उस कठिन समय में अक्षर पटेल ने ही विराट कोहली के साथ मिलकर 45 रनों की एक बेहद महत्वपूर्ण साझेदारी की थी, जिसने भारत को चैंपियन बनने की राह दिखाई थी। अश्विन ने तर्क दिया कि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भी अगर मध्यक्रम में स्थिरता होती और हाथ में कुछ विकेट बचे रहते, तो टीम लक्ष्य के करीब पहुँच सकती थी।
रणनीति में बदलाव और सुंदर का प्रमोशन
इस मुकाबले में टीम प्रबंधन ने एक चौंकाने वाला फैसला लेते हुए वॉशिंगटन सुंदर को अक्षर पटेल से पहले बल्लेबाजी के लिए भेजा। टीम के सहायक कोच के अनुसार, सुंदर को पावरप्ले में दक्षिण अफ्रीकी बाएं हाथ के बल्लेबाजों के सामने गेंदबाजी के विकल्प के तौर पर प्लेइंग इलेवन में जगह दी गई थी। इसी रणनीति के तहत उन्हें नंबर 5 पर बल्लेबाजी के लिए प्रमोट किया गया, लेकिन वह रन बनाने में पूरी तरह नाकाम रहे।
बैटिंग ऑर्डर में फेरबदल और टीम को हुआ नुकसान
भारतीय टीम की बल्लेबाजी का क्रम इस मैच में पूरी तरह बिखरा हुआ नजर आया। अक्षर पटेल को नंबर 8 पर बल्लेबाजी के लिए भेजा गया, जहाँ वह लगातार दूसरी बार शून्य पर आउट हुए। इतना ही नहीं, विस्फोटक बल्लेबाज रिंकू सिंह को भी नंबर 8 जैसे निचले क्रम पर उतारा गया, जहाँ वह भी बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए। इन फैसलों के कारण न केवल भारत ने मैच गंवाया, बल्कि टीम के नेट रन रेट पर भी काफी बुरा असर पड़ा है। अश्विन के इन तीखे सवालों ने अब टीम इंडिया के चयन और बैटिंग ऑर्डर की रणनीति पर एक नई बहस छेड़ दी है।
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