Heatwave Alert: देश के कई हिस्सों में इस समय तेज गर्मी का असर लगातार बढ़ रहा है। कुछ इलाकों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है। इसी बीच आज (सोमवार) से नौतपा की शुरुआत हो चुकी है, जो 2 जून तक जारी रहेगा। माना जाता है कि इन नौ दिनों में धरती अत्यधिक गर्म हो जाती है और गर्मी अपने चरम पर होती है। ऐसे समय में स्वास्थ्य विशेषज्ञ लगातार सावधानी बरतने की सलाह देते हैं।
WHO की चेतावनी और बढ़ता खतरा
World Health Organization ने भी चेतावनी दी है कि तेज गर्मी के दौरान थोड़ी सी लापरवाही भी गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकती है। नौतपा के समय लू लगना, शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) और हीट स्ट्रोक का खतरा काफी बढ़ जाता है। बुजुर्ग, छोटे बच्चे और पहले से बीमार लोग इस मौसम में ज्यादा संवेदनशील होते हैं, इसलिए उन्हें विशेष देखभाल की जरूरत होती है।
क्या करें: गर्मी से बचाव के जरूरी उपाय
गर्मी के इस मौसम में शरीर को हाइड्रेट रखना सबसे जरूरी है। दिनभर में कम से कम 3 से 4 लीटर पानी पीना चाहिए ताकि शरीर में पानी की कमी न हो।
ढीले, हल्के और सूती कपड़े पहनें ताकि शरीर को हवा मिलती रहे और पसीना आसानी से सूख सके। बाहर निकलते समय सिर, चेहरा और गर्दन को अच्छी तरह ढकना चाहिए। टोपी, छाता या स्कार्फ का इस्तेमाल करना फायदेमंद रहता है।दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच धूप सबसे तेज होती है, इसलिए इस समय घर के अंदर रहना ही बेहतर है।

क्या न करें: इन गलतियों से बचें
गर्मी में भारी मेहनत वाले काम या ज्यादा शारीरिक श्रम धूप में करने से बचना चाहिए। बच्चों और पालतू जानवरों को कभी भी बंद गाड़ी में अकेला न छोड़ें, क्योंकि अंदर का तापमान बहुत तेजी से बढ़ जाता है।
इस मौसम में शराब, चाय, कॉफी, कोल्ड ड्रिंक्स और फिजी ड्रिंक्स का सेवन कम या बंद करना चाहिए, क्योंकि ये शरीर में पानी की कमी बढ़ा सकते हैं।बिना जरूरत के दोपहर के समय बाहर घूमना या बाजार जाना भी नुकसानदायक हो सकता है।
Heatwave Alert: स्वास्थ्य विशेषज्ञों की अहम सलाह
विशेषज्ञों के अनुसार नौतपा के दौरान शरीर का तापमान संतुलित रखना सबसे जरूरी है। हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन करना चाहिए। शरीर में पानी और मिनरल की कमी न हो, इसके लिए नमक-चीनी का घोल या ओआरएस का उपयोग किया जा सकता है।अगर किसी को चक्कर आना, उल्टी, ज्यादा पसीना या अत्यधिक थकान महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
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