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राजधानी में अंधेरा राज! बुराड़ी पुश्ता रोड पर 10 KM तक ब्लैकआउट

Delhi News: राजधानी में अंधेरा राज! बुराड़ी पुश्ता रोड पर 10 KM तक ब्लैकआउट
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Delhi News: राजधानी दिल्ली में सुरक्षा के दावों के बीच एक ऐसा इलाका भी है जो शाम ढलते ही ‘डार्क जोन’ में तब्दील हो जाता है। बुराड़ी स्थित पुश्ता रोड (वजीराबाद से हिरंकी तक) पर करीब 10 किलोमीटर लंबा पैच पिछले चार सालों से पूरी तरह अंधेरे में डूबा हुआ है। यह रास्ता न केवल दिल्ली के कई इलाकों को जोड़ता है, बल्कि हरियाणा जाने वाले यात्रियों के लिए भी मुख्य मार्ग है।

Delhi News: दिखावे के लिए खंभे, काम एक भी नहीं

हैरानी की बात यह है कि इस मार्ग पर रोशनी के इंतजाम के लिए प्रशासन ने करीब 150 स्ट्रीट लाइटें लगाई थीं। स्थानीय लोगों के अनुसार, ये लाइटें लगभग पांच साल पहले स्थापित की गई थीं, लेकिन कुछ ही महीनों बाद इन्होंने दम तोड़ दिया। पिछले चार वर्षों से ये लाइटें सिर्फ सफेद हाथी बनकर खड़ी हैं, जिससे वजीराबाद से हिरंकी तक का सफर किसी चुनौती से कम नहीं रह गया है।

Delhi News: इन इलाकों पर पड़ता है सीधा असर

यह मार्ग दिल्ली की कनेक्टिविटी के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। इस डार्क स्पॉट की वजह से निम्नलिखित क्षेत्रों के हजारों निवासी प्रभावित हो रहे हैं।

जगतपुर और संत नगर

बुराड़ी और नाथूपुरा

इब्राहिमपुर और बख्तावरपुर

नरेला और हरियाणा बॉर्डर की ओर जाने वाले यात्री

खेत, झाड़ियाँ और अपराधियों का डर

सड़क की बनावट ऐसी है कि एक तरफ घनी आबादी है, तो दूसरी तरफ दूर-दूर तक फैले खेत और जंगली झाड़ियाँ हैं। अंधेरे का फायदा उठाकर असामाजिक तत्व यहाँ सक्रिय हो जाते हैं। राहगीरों के साथ लूटपाट और स्नैचिंग की घटनाएं आम हो चुकी हैं। सबसे ज्यादा असुरक्षित महिलाएं महसूस करती हैं, जिन्हें काम से लौटते वक्त इस 10 किलोमीटर के अंधेरे गलियारे को पार करना पड़ता है।

हादसों को दावत देता ‘अंधा मोड़’

रोशनी न होने के कारण वाहन चालकों को सड़क पर मौजूद गड्ढे और पैदल चल रहे लोग तब दिखाई देते हैं जब वे बिल्कुल करीब आ जाते हैं। ऐसी स्थिति में अचानक ब्रेक मारने से पीछे से आ रहे वाहनों के टकराने और गंभीर सड़क हादसों का खतरा हर वक्त बना रहता है।

अधिकारियों का क्या है कहना?

इस गंभीर समस्या पर सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वे स्ट्रीट लाइटों की वर्तमान स्थिति की जांच करेंगे। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही मरम्मत का कार्य शुरू किया जा सकेगा। विभाग ने इस संबंध में स्थानीय विधायक (MLA) को भी अवगत कराने का दावा किया है, लेकिन धरातल पर अभी तक कोई सुधार नहीं दिखा है।

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