Home » मध्य प्रदेश » तमंचे की नोंक पर डिस्को कराता हुआ युवक डांसर के हर ठुमके पर दागी गोलियां वीडियो वायरल

तमंचे की नोंक पर डिस्को कराता हुआ युवक डांसर के हर ठुमके पर दागी गोलियां वीडियो वायरल

Gwalior News: तमंचे की नोंक पर डिस्को डांसर के हर ठुमके पर युवक ने दागी गोलियां वीडियो वायरल
Spread the love

Gwalior News: मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले से कानून की धज्जियां उड़ाने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक युवक बंदूक के जोर पर एक युवती को नचाता दिख रहा है। यह पूरा दृश्य किसी फिल्मी सीन जैसा लग रहा है, लेकिन हकीकत में यह ग्वालियर के बेहट थाना क्षेत्र के रेवली गांव की घटना बताई जा रही है।

Gwalior News: हवाई फायरिंग और दहशत का डांस

करीब 47 सेकंड के इस वीडियो में देखा जा सकता है कि एक युवक हाथ में बंदूक थामे आराम से कुर्सी पर बैठा है। उसके ठीक सामने एक युवती फिल्मी गानों पर थिरक रही है। हैरान करने वाली बात यह है कि युवती जैसे ही ठुमके लगाती है, युवक हवा में गोली दाग देता है। डांसर के हर मूव पर होती यह हवाई फायरिंग वहां मौजूद लोगों के लिए मनोरंजन का साधन बनी हुई है, जबकि यह किसी बड़े हादसे को दावत दे सकती थी।

तमंचे पर डिस्को कराता हुआ तमंचेबाज
                                                                          तमंचे पर डिस्को कराता हुआ युवक 

Gwalior News: पुलिस की रडार पर ‘बंदूकबाज’ युवक

यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही ग्वालियर पुलिस के पास भी पहुँच गया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है। एसडीओपी मनीष यादव का कहना है कि वीडियो की सत्यता की जांच की जा रही है और संबंधित युवक के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का यह भी स्पष्ट कहना है कि यदि बंदूक लाइसेंसी पाई गई तो उसे तुरंत जब्त कर लाइसेंस रद्द करने की सिफारिश की जाएगी। अगर इस मामले में कोई फरियादी शिकायत करने सामने नहीं आता है, तो भी पुलिस खुद इस पर संज्ञान लेकर एक्शन लेगी।

चंबल में शान बन चुकी है जानलेवा परंपरा

ग्वालियर-चंबल अंचल में हथियारों के प्रति लोगों का यह जुनून कोई नई बात नहीं है। यहाँ कंधे पर बंदूक टांगना आज भी शान और रसूख का प्रतीक माना जाता है। शादी-ब्याह और अन्य उत्सवों के दौरान हर्ष फायरिंग करना यहाँ की एक पुरानी और खतरनाक परंपरा बन चुकी है। हालांकि प्रशासन ने ऐसी फायरिंग पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा रखा है, क्योंकि अक्सर ऐसे मौकों पर चली गोलियों से बेकसूर लोगों की जान चली जाती है। रेवली गांव का यह ताजा वीडियो एक बार फिर प्रशासनिक दावों और जमीनी हकीकत के बीच के अंतर को साफ बयां कर रहा है।

 

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments