UP News: मुरादाबाद शहर में अवैध निर्माण और अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की तैयारी है। मुरादाबाद विकास प्राधिकरण (एमडीए) ने स्पष्ट कर दिया है कि अब एक–एक मकान पर अलग-अलग कार्रवाई करने के बजाय पूरी की पूरी अवैध कॉलोनियों और प्लॉटिंग साइटों को एक साथ ध्वस्त किया जाएगा। प्राधिकरण की इस नई रणनीति से भूमाफियाओं में हड़कंप मच गया है। एमडीए के उपाध्यक्ष अनुभव सिंह की सख्त चेतावनी के बाद विभाग ने अपना अभियान और तेज कर दिया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि नियमों को ताक पर रखकर की गई अवैध प्लॉटिंग, अवैध कब्जों और बिना स्वीकृत नक्शे के निर्माण को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
एक साथ होगी बड़ी कार्रवाई
सूत्रों के अनुसार, स्टाफ और संसाधनों की सीमित उपलब्धता को देखते हुए एमडीए ने अपनी कार्यप्रणाली में बदलाव किया है। पहले जहां अलग-अलग स्थानों पर छोटे स्तर पर कार्रवाई की जाती थी, वहीं अब चिन्हित क्षेत्रों में एक साथ व्यापक स्तर पर बुलडोजर अभियान चलाया जाएगा। इससे कम संसाधनों में अधिक प्रभावी और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी। प्राधिकरण ने शहर के विभिन्न इलाकों में दर्जनों अवैध प्लॉटिंग साइटों को चिन्हित कर लिया है। इन स्थानों पर बिना लेआउट स्वीकृति के प्लॉट काटे गए हैं और कई जगहों पर निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया गया है। एमडीए की टीम ने इन स्थलों का सर्वे पूरा कर लिया है और अब किसी भी दिन संयुक्त कार्रवाई शुरू की जा सकती है।
UP News: भूमाफियाओं में मचा हड़कंप
वीसी के सख्त रुख के बाद भूमाफियाओं और अवैध निर्माण कराने वालों में खलबली मच गई है। कई स्थानों पर निर्माण कार्य रोक दिए गए हैं। कुछ लोगों ने तो नोटिस मिलने के बाद स्वयं ही अवैध निर्माण हटाना शुरू कर दिया है, ताकि भारी जुर्माने और बुलडोजर कार्रवाई से बचा जा सके।
एमडीए उपाध्यक्ष अनुभव सिंह का कहना है कि यह कोई एक-दो दिन का अभियान नहीं, बल्कि सतत प्रक्रिया है। शहर में अवैध कब्जों और निर्माणों को किसी भी हाल में पनपने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे किसी भी प्लॉट या मकान की खरीद-फरोख्त से पहले उसकी वैधता की जांच अवश्य कर लें और केवल स्वीकृत लेआउट वाली योजनाओं में ही निवेश करें। एमडीए ने स्पष्ट किया है कि अवैध कॉलोनियों में प्लॉट खरीदने वाले लोग भविष्य में मूलभूत सुविधाओं से वंचित रह सकते हैं। ऐसे क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पानी और सीवर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने में कानूनी अड़चनें आती हैं। इसलिए नागरिक किसी भी प्रकार के लालच में आकर अवैध प्लॉटिंग का हिस्सा न बनें।
Report By: BP Upadhyay






