Ramadan 2026: दिल्ली की Jamia Millia Islamia को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल हुआ एक कथित नोटिस पूरी तरह फर्जी निकला है। इस नोटिस में दावा किया गया था कि रमजान के महीने में यदि कोई लड़का-लड़की साथ दिखाई देते हैं तो विश्वविद्यालय उनकी शादी कराने की व्यवस्था करेगा। मामला सामने आते ही कैंपस और सोशल मीडिया पर हलचल मच गई।
सोशल मीडिया पर तेजी से फैला था नोटिस
बताया जा रहा है कि 20 फरवरी की तारीख वाला यह कथित नोटिस व्हॉट्सएप और एक्स जैसे प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हुआ। कई लोगों ने इसे असली मानकर विश्वविद्यालय की आलोचना शुरू कर दी, जबकि कुछ यूजर्स ने इसे लेकर व्यंग्य और टिप्पणियां भी कीं।हालांकि, आधिकारिक बयान सामने आने के बाद साफ हो गया कि यह पोस्ट पूरी तरह मनगढ़ंत थी।
Ramadan 2026: यूनिवर्सिटी ने किया सख्त खंडन
जामिया प्रशासन ने स्पष्ट किया कि इस तरह का कोई भी आदेश विश्वविद्यालय की ओर से जारी नहीं किया गया है। नोटिस को पूरी तरह फर्जी बताते हुए कहा गया कि छात्रों और कर्मचारियों को ऐसी अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए और केवल आधिकारिक माध्यमों से जारी सूचनाओं पर ही भरोसा करना चाहिए।
Ramadan 2026:छवि खराब करने की साजिश का शक
प्रबंधन का मानना है कि संस्थान की छवि को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से यह भ्रामक सूचना फैलायी गई हो सकती है। मामले को गंभीरता से लेते हुए विश्वविद्यालय ने Delhi Police में शिकायत दर्ज कराई है।अब साइबर पुलिस इस फर्जी नोटिस को तैयार करने और वायरल करने वाले व्यक्ति या समूह की पहचान करने में जुटी है। तकनीकी जांच के जरिए पोस्ट के मूल स्रोत और आईपी एड्रेस का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।फिलहाल विश्वविद्यालय ने दोबारा स्पष्ट किया है कि वायरल नोटिस का उससे कोई लेना-देना नहीं है और सभी से जिम्मेदारी के साथ सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करने की अपील की है।
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