Donald Trump: डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी कांग्रेस में बड़ा बयान देते हुए दावा किया है कि उन्होंने ईरान के परमाणु हथियार कार्यक्रम को पूरी तरह खत्म कर दिया है। ट्रंप ने यह भी कहा कि अपने पहले दस महीनों के कार्यकाल में उन्होंने आठ युद्ध समाप्त कराए। उनके इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
‘ऑपरेशन मिडनाइट हैमर’ से ईरान को सबक!
ट्रंप ने कहा कि ‘ऑपरेशन मिडनाइट हैमर’ के तहत अमेरिकी सेना ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला कर उसके परमाणु कार्यक्रम को भारी नुकसान पहुंचाया। अमेरिका की लंबे समय से नीति रही है कि वह ईरान को परमाणु हथियार बनाने की अनुमति नहीं देगा।
ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता दुनिया के “सबसे बड़े आतंक प्रायोजकों” को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में भी ईरान को परमाणु हथियार रखने की इजाजत नहीं दी जाएगी, चाहे वह इसे छिपकर ही क्यों न करने की कोशिश करे।
Donald Trump: जून 2025 में तीन प्रमुख ठिकानों पर हमला
ट्रंप ने बताया कि जून 2025 में ईरान के तीन प्रमुख परमाणु ठिकानों पर हमला किया गया था, जिससे भारी नुकसान हुआ। हालांकि, नुकसान को लेकर अलग-अलग आकलन सामने आए हैं।
Donald Trump: बातचीत जारी, लेकिन समझौता अधर में
ट्रंप के मुताबिक ईरान के साथ बातचीत जारी है, लेकिन अब तक परमाणु समझौते पर कोई अंतिम सहमति नहीं बनी है। उनका कहना है कि अमेरिका बातचीत के जरिए समाधान चाहता है और ईरान भी समझौता करने की इच्छा जता रहा है।
लंबी दूरी की मिसाइलों की तैयारी में ईरान?
ट्रंप ने यह भी आरोप लगाया कि ईरान ऐसी लंबी दूरी की मिसाइलें विकसित करने की कोशिश में है, जो सीधे अमेरिकी जमीन तक पहुंच सकें। उन्होंने कहा कि ईरान के पास पहले से ऐसी मिसाइलें हैं, जो यूरोप में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बना सकती हैं, और अब उसका लक्ष्य अमेरिका तक पहुंच बनाना है।
विरोध प्रदर्शनों में मौतों का दावा
ट्रंप ने दावा किया कि दिसंबर 2025 में ईरान में हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद करीब 32 हजार लोगों की मौत हुई। हालांकि, इस आंकड़े की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
भारत पर 120% टैरिफ लगाने का ऐलान
Donald Trump: ट्रंप ने भारत में बने सोलर पैनल के अमेरिकी बाजार में निर्यात पर 120% टैरिफ लगाने की बात कही है। उनका आरोप है कि भारत सरकार सोलर पैनल निर्माताओं को सब्सिडी देती है, जिससे अमेरिकी कंपनियों को नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि इस असंतुलन को देखते हुए अमेरिका को कड़ा कदम उठाना पड़ा। हालांकि, आलोचकों का कहना है कि अमेरिका खुद अपने किसानों और उद्योगों को भारी सब्सिडी देता है, ऐसे में भारतीय उत्पादों पर इतना ज्यादा टैरिफ लगाना उचित नहीं है। विशेषज्ञों के मुताबिक, यह कदम भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में तनाव बढ़ा सकता है।
(लेख: भगवती प्रसाद डोभाल)
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