JKSA: जम्मू और कश्मीर छात्र संघ (जेकेएसए) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखकर ईरान में बढ़ते सैन्य संघर्ष के बीच वहां रह रहे भारतीय छात्रों की सुरक्षा, शैक्षिक निरंतरता और संभावित निकासी सुनिश्चित करने के लिए तत्काल दखल देने की मांग की है। संघ ने सुरक्षा स्थिति के बिगड़ने पर चिंता व्यक्त की, जिससे हजारों भारतीय छात्र, विशेष रूप से कश्मीर से आए छात्र, गंभीर जोखिम में हैं।
बढ़ते तनाव और सुरक्षा के खतरे
जेकेएसए ने अपने पत्र में ईरान में सुरक्षा स्थिति के तेजी से बदलने की चिंता जाहिर की, जिसके कारण छात्रों के लिए डर और अनिश्चितता का माहौल बन गया है। ये छात्र ईरान के विभिन्न विश्वविद्यालयों में एमबीबीएस और संबद्ध चिकित्सा की पढ़ाई कर रहे हैं। संघ ने बताया कि छात्रों को अब सीमित आवाजाही, संचार में समस्याएं और संघर्ष के और बढ़ने का खतरा महसूस हो रहा है।
JKSA: शैक्षिक दबाव और निकासी में चुनौतियां
संघ ने बताया कि 5 मार्च को ईरान में मेडिकल शिक्षा के तहत महत्वपूर्ण परीक्षाएं होनी हैं। छात्रों को डर है कि अगर वे इस समय देश छोड़ते हैं, तो उनके शैक्षिक भविष्य पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। इस स्थिति में वे अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा और शैक्षिक निरंतरता के बीच चयन करने की कठिन स्थिति में हैं।
तत्काल समन्वय और निकासी व्यवस्था की अपील
जेकेएसए के ईरान कोऑर्डिनेटर फैजान नबी ने पीएम मोदी से अपील की कि वे विदेश मंत्रालय, भारतीय दूतावास और ईरानी अधिकारियों के साथ त्वरित और प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पड़ोसी देशों के माध्यम से उपाय किए जाएं।
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