HPV vaccination: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को अजमेर से पूरे देश में एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमावायरस) टीकाकरण अभियान की शुरुआत की। यह अभियान महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी से बचाने के लिए शुरू किया गया है और इसे महिलाओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
इस अभियान के तहत योग्य किशोरी लड़कियों को एचपीवी टीका लगाया जाएगा, जिससे भविष्य में सर्वाइकल कैंसर होने का खतरा काफी कम हो सकता है और लड़कियों को बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा मिल सकेगी।

राजस्थान में 188 टीकाकरण सत्र शुरू
पहले दिन राजस्थान में कुल 188 टीकाकरण सत्र आयोजित किए गए। राज्य सरकार इस अभियान को सफल बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
भजन लाल शर्मा ने प्रदेश के बच्चों के माता-पिता से अपील की कि वे अपनी बेटियों को इस महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्वास्थ्य पहल में जरूर शामिल करें। उन्होंने कहा कि यह अभियान महिलाओं के स्वास्थ्य को मजबूत करने और भविष्य में सर्वाइकल कैंसर मुक्त समाज बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
HPV vaccination: 14 साल से अधिक लड़कियों का टीकाकरण
स्वास्थ्य एवं चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने बताया कि भारत का स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार यह टीका उन लड़कियों को दिया जाएगा जिन्होंने 14 वर्ष की उम्र पूरी कर ली है लेकिन अभी 15 वर्ष की उम्र नहीं हुई है। यह टीका केवल एक डोज में दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि भारत में महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर दूसरा सबसे ज्यादा होने वाला कैंसर है। इसलिए राज्य में इसे रोकने के लिए व्यापक टीकाकरण योजना तैयार की गई है।

8.32 लाख लड़कियों को टीका सुरक्षा
मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) गायत्री राठौड़ ने कहा कि इस अभियान के तहत 8.32 लाख से ज्यादा लड़कियां टीका लगवाने के लिए पात्र हैं। यह चार गुना सुरक्षा देने वाला टीका मर्क एंड कंपनी का गार्डासिल-4 है, जिसकी मात्रा 0.5 मिलीलीटर होगी और इसे बाईं ऊपरी बांह में मांसपेशी के अंदर लगाया जाएगा।
राज्य के सभी जिलों में लगभग 1000 स्वास्थ्य संस्थानों को इस टीकाकरण अभियान के लिए चुना गया है।नेशनल हेल्थ मिशन के मिशन निदेशक डॉ. अमित यादव ने बताया कि केवल उन्हीं स्वास्थ्य संस्थानों को अभियान में शामिल किया गया है जहाँ कोल्ड चेन पॉइंट की सुविधा, नियुक्त चिकित्सा अधिकारी और इंटरनेट कनेक्टिविटी मौजूद है।
टीकाकरण केंद्रों पर विशेष टीम तैनात
हर टीकाकरण स्थल पर टीकाकरण कर्मियों, सत्यापन करने वालों, जागरूकता कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवकों की एक विशेष टीम तैनात की जाएगी।
राज्य, जिला और संस्थागत स्तर पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत आशा कार्यकर्ताओं, सत्यापनकर्ताओं और जागरूकता टीमों का प्रशिक्षण पहले ही पूरा किया जा चुका है ताकि अभियान को सुचारु रूप से चलाया जा सके।
राज्य स्वास्थ्य विभाग ने इस अभियान को किशोरी लड़कियों की सुरक्षा और राजस्थान में रोकथाम आधारित स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक सार्वजनिक स्वास्थ्य पहल बताया है।
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