Israel Iran War: ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई पर हमले को लेकर अमेरिकी मीडिया में बड़ा खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका की सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी (CIA) और इजरायली सुरक्षा एजेंसियां कई महीनों से खामेनेई की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थीं। उनके रोजमर्रा के पैटर्न रहने की जगह, मुलाकातें, सुरक्षा रूटीन और संभावित सुरक्षित ठिकानों का विस्तृत अध्ययन किया गया।
28 फरवरी: दिन के उजाले में हमला
रिपोर्ट के अनुसार, 28 फरवरी को तेहरान स्थित एक हाई-सिक्योरिटी कंपाउंड में सुप्रीम लीडर, राष्ट्रपति और राष्ट्रीय सुरक्षा तंत्र से जुड़े शीर्ष अधिकारी अलग-अलग स्थानों पर मौजूद थे। सामान्यतः बेहद सतर्क रहने वाले खामेनेई दिन के समय खुद को अधिक सुरक्षित मानते थे। अमेरिकी-इजरायली टीम ने इसी आकलन का लाभ उठाते हुए हमले का समय रात से बदलकर दिन कर दिया।
इजरायली लड़ाकू विमानों ने अमेरिकी समर्थन के साथ कंपाउंड की तीन अलग-अलग साइट्स पर लगभग 60 सेकंड के भीतर समन्वित हमले किए। इन हमलों में खामेनेई समेत करीब 40 वरिष्ठ अधिकारी मारे गए, जिनमें इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के प्रमुख भी शामिल बताए गए।
Israel Iran War: क्रिसमस से शुरू हुई थी रणनीति
रिपोर्ट में दावा है कि ऑपरेशन की शुरुआती रणनीति पिछले वर्ष क्रिसमस के दौरान फ्लोरिडा के Mar-a-Lago में हुई मुलाकात में आकार लेने लगी थी, जहां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल और न्यूक्लियर कार्यक्रम पर चर्चा की। बाद में वाशिंगटन में कई दौर की गोपनीय बैठकों और सैन्य समन्वय के बाद योजना को अंतिम रूप दिया गया।
Israel Iran War: सैन्य जमावड़ा और कूटनीतिक गतिरोध
अमेरिका ने क्षेत्र में एयरक्राफ्ट कैरियर, फाइटर जेट, टैंकर, जहाज और सबमरीन तैनात कर सैन्य तैयारी बढ़ाई। स्विट्जरलैंड के जिनेवा में 26 फरवरी को हुई कूटनीतिक वार्ता असफल रहने के बाद सैन्य कार्रवाई का आदेश दिया गया। एक इजरायली सैन्य अधिकारी के हवाले से कहा गया कि ऐसे ऑपरेशन के लिए “अतिरिक्त और सटीक खुफिया जानकारी” की जरूरत होती है, जहां कई तत्वों को एक साथ जोड़कर तेज और समन्वित कार्रवाई की जाती है। हमले के बाद क्षेत्र में तनाव चरम पर है और वैश्विक स्तर पर कूटनीतिक प्रयास तेज हो गए हैं।






