Iran crisis: ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई ने पद संभालने के बाद अपना पहला संदेश जारी किया है। इस संदेश में उन्होंने साफ कहा कि ईरान अपने “शहीदों” की मौत का बदला जरूर लेगा। उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों और आम लोगों की मौत को कभी भुलाया नहीं जाएगा। मुज्तबा खामेनेई के इस बयान से साफ संकेत मिल रहा है कि मिडिल-ईस्ट में जारी युद्ध फिलहाल रुकने वाला नहीं है।
होर्मुज जलडमरूमध्य बंद रखने का ऐलान
अपने संदेश में मुज्तबा खामेनेई ने एक और बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद रखने की रणनीति जारी रहेगी। दुनिया के बड़े हिस्से का तेल इसी रास्ते से गुजरता है, इसलिए इस फैसले ने वैश्विक तेल बाजार में चिंता बढ़ा दी है। पिछले करीब दो हफ्तों से मिडिल-ईस्ट में जारी संघर्ष की वजह से तेल और गैस की कीमतें पहले ही तेजी से बढ़ चुकी हैं।
Iran crisis: अमेरिकी सैन्य ठिकानों को दी चेतावनी
मुज्तबा खामेनेई ने अमेरिका को सीधी चेतावनी देते हुए कहा कि मिडिल-ईस्ट में मौजूद अमेरिका के सभी सैन्य बेस खाली होने चाहिए। उन्होंने कहा कि जब तक ऐसा नहीं होता, तब तक ईरान हमले जारी रखेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र में अमेरिका और उसके सहयोगियों की मौजूदगी ही इस संघर्ष की मुख्य वजह है।
Iran crisis: पिता की मौत का बदला लेने की बात
नए सुप्रीम लीडर ने अपने संदेश में यह भी कहा कि वह अपने पिता और पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत का बदला जरूर लेंगे। उनके मुताबिक, जब तक इस “शहादत” का बदला पूरा नहीं हो जाता, तब तक संघर्ष खत्म नहीं होगा। इस बयान के बाद यह आशंका और बढ़ गई है कि मिडिल-ईस्ट में तनाव लंबे समय तक जारी रह सकता है।
गुप्त स्थान से जारी किया गया संदेश
मुज्तबा खामेनेई सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए। उनका संदेश ईरान के सरकारी टेलीविजन के जरिए प्रसारित किया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक सुरक्षा कारणों से उन्होंने यह संदेश गुप्त स्थान से जारी किया। अपने संबोधन में उन्होंने यह भी संकेत दिया कि जरूरत पड़ने पर दुश्मनों के खिलाफ नए मोर्चे भी खोले जा सकते हैं।
मुज्तबा खामेनेई के 5 बड़े संदेश
Iran crisis: पिता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत का बदला लिया जाएगा, होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद रखने की रणनीति जारी रहेगी। मिडिल-ईस्ट से अमेरिका के सैन्य बेस हटाने की मांग, क्षेत्र में हमले जारी रहने की चेतावनी। बच्चों और अन्य “शहीदों” की मौत का बदला लेने का दावा।
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