Land for Jobs Case: कथित ‘लैंड फॉर जॉब’ घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अदालत में बड़ा दावा किया है। एजेंसी के अनुसार पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव के परिवार ने कथित तौर पर रिश्वत के पैसों से अचल संपत्तियां खरीदीं। यह मामला राउज़ एवेन्यू कोर्ट में चल रहा है, जहां अदालत आरोप तय करने के मुद्दे पर सुनवाई कर रही है।
लालू परिवार समेत कई लोग आरोपी
इस मामले में ईडी ने राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी और बेटे तेजस्वी यादव सहित कई अन्य लोगों को मनी लॉन्ड्रिंग का आरोपी बनाया है। ईडी ने अदालत में अपनी दलील पूरी करते हुए कहा कि आरोप तय करने के लिए उसके पास पर्याप्त सबूत मौजूद हैं।
Land for Jobs Case: कंपनी के जरिए जमीन लेने का आरोप
जांच एजेंसी के मुताबिक यह पूरा मामला उस समय का है जब लालू प्रसाद यादव 2004 से 2009 तक रेल मंत्री थे। आरोप है कि रेलवे में ग्रुप-डी की नौकरियों के बदले लोगों से जमीन ली गई। ईडी का दावा है कि इन जमीनों को सीधे लालू परिवार के नाम पर लेने के बजाय ए के इंफोसिस्टम्स नाम की कंपनी के जरिए खरीदा गया।
बाद में परिवार के नाम ट्रांसफर हुई संपत्ति
जांच एजेंसी के अनुसार यह कंपनी व्यवसायी अमित कत्याल से जुड़ी थी, जिन्हें लालू यादव और तेजस्वी यादव का करीबी बताया जाता है। ईडी के मुताबिक वर्ष 2014 में इस कंपनी के अधिकार और संपत्तियां लालू परिवार की सदस्य राबड़ी देवी और मीसा भारती के नाम कर दी गईं।
Land for Jobs Case: अब आरोपियों की दलील सुनेगी अदालत
ईडी की दलील पूरी होने के बाद अब अदालत में आरोपियों की ओर से पक्ष रखा जाएगा। अदालत ने इसके लिए 23 मार्च से 30 मार्च के बीच का समय तय किया है। इस मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (सीबीआई) भी कर रही है। जांच एजेंसी के अनुसार कथित तौर पर बाजार मूल्य से कम कीमत पर और कई बार नकद लेनदेन के जरिए जमीनें खरीदी गईं, जिनके बदले रेलवे में नौकरियां दी गईं। हालांकि लालू परिवार ने इन सभी आरोपों को खारिज करते हुए खुद को निर्दोष बताया है।
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