Guru Asta 2026: जो परिवार 2026 में शादी की तैयारी कर रहे थे, उनके लिए जुलाई के मध्य से इंतजार शुरू हो गया है। 15 जुलाई 2026 की शाम 7 बजकर 59 मिनट पर गुरु तारा कर्क राशि में अस्त हो जाएगा। यह 12 अगस्त की सुबह 5 बजकर 3 मिनट पर उदय होगा। हिंदू परंपरा में विवाह, गृह प्रवेश और मुंडन जैसे शुभ कार्यों के लिए गुरु और शुक्र का उदित रहना आवश्यक माना जाता है। इसलिए अगले करीब एक महीने तक कोई मांगलिक कार्य नहीं होगा।
Guru Asta 2026: गुरु अस्त के कारण एक महीने तक नहीं होंगे शुभ कार्य-
दिक्कत यहीं खत्म नहीं होती। गुरु अस्त के कुछ दिन बाद ही चातुर्मास शुरू हो जाएगा। हर साल आषाढ़ की देवशयनी एकादशी से कार्तिक की देवउठनी एकादशी तक चार महीने तक भगवान विष्णु योगनिद्रा में रहते हैं। इस अवधि में विवाह और अन्य शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं। 2026 में देवशयनी एकादशी 25 जुलाई को है और देवउठनी एकादशी 20 नवंबर को पड़ेगी। यानी 15 जुलाई से 20 नवंबर तक करीब साढ़े चार महीने तक शादियों का सीजन बंद रहेगा।
Guru Asta 2026: इस बार भड़ली नवमी पर भी नहीं बजेगी शहनाई-
इस बीच 22 जुलाई को भड़ली नवमी भी पड़ रही है। आषाढ़ शुक्ल नवमी को अबूझ मुहूर्त माना जाता है और आमतौर पर इस दिन बिना पंचांग देखे भी शादी की जाती है। लेकिन इस बार भड़ली नवमी पर भी गुरु अस्त रहेंगे, इसलिए इस दिन भी विवाह नहीं होंगे।
नवंबर में मिलेंगे केवल 4 विवाह मुहूर्त-
लंबे इंतजार के बाद 20 नवंबर को चातुर्मास समाप्त होते ही फिर शुभ दिन शुरू होंगे। नवंबर में कुल चार विवाह मुहूर्त मिलेंगे। 21 नवंबर (शनिवार), 24 नवंबर (मंगलवार), 25 नवंबर (बुधवार) और 26 नवंबर (गुरुवार) को शादी की जा सकेगी।
दिसंबर में भी सीमित रहेंगे शुभ मुहूर्त-
दिसंबर में भी विवाह के लिए समय सीमित रहेगा। 15 दिसंबर से सूर्य के धनु राशि में प्रवेश करते ही खरमास शुरू हो जाएगा। इसलिए 12 दिसंबर तक ही शादियां संभव होंगी। दिसंबर में 2 से 6 दिसंबर तक लगातार पांच दिन और फिर 11 व 12 दिसंबर को विवाह के शुभ मुहूर्त रहेंगे। इसके बाद फिर मांगलिक कार्यों पर रोक लग जाएगी।
पंडितों की सलाह-
पंडितों का कहना है कि विवाह की अंतिम तारीख तय करने से पहले अपनी कुंडली, गोत्र और स्थान के अनुसार किसी योग्य ज्योतिषी से सलाह जरूर लें। पंचांग की गणना स्थान के अनुसार थोड़ी अलग हो सकती है। फिलहाल जिन जोड़ों की सगाई हो चुकी है, उन्हें नवंबर के आखिरी सप्ताह और दिसंबर के पहले पखवाड़े के शुभ मुहूर्तों पर नजर रखनी होगी।अगर यह वेब न्यूज़ के लिए है, तो यह संस्करण व्याकरण, मात्राओं और पठनीयता के हिसाब से तैयार है।
यह भी पढ़े- 7 घंटे तक ईरान पर बरसे अमेरिकी बम, जवाब में बहरीन-कुवैत के अमेरिकी बेस पर IRGC का हमला
Written By – MANSI SHARMA








