RSS Reorganizes New: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने अपने शताब्दी वर्ष के मौके पर संगठनात्मक ढांचे में बड़ा बदलाव करने का फैसला लिया है। इस बदलाव के तहत मध्य प्रदेश में अभी मौजूद मालवा, महाकौशल और मध्यभारत जैसे तीन प्रांतों को खत्म किया जाएगा और उनकी जगह करीब छह नए संभाग बनाए जाएंगे।
नई संरचना में क्या होगा बदलाव
नई व्यवस्था के तहत पूरे प्रदेश का संचालन एक राज्य प्रचारक और उनकी टीम करेगी, जबकि अलग-अलग संभागों में संभागीय प्रचारकों की नियुक्ति की जाएगी। इससे जिला और विभाग स्तर के कार्यकर्ता सीधे संभागीय नेतृत्व से जुड़ सकेंगे, जिससे कार्यों में तेजी और बेहतर समन्वय की उम्मीद है।
RSS Reorganizes New: युवाओं को मिलेगी बड़ी भूमिका
संघ इस बदलाव के जरिए युवाओं को अधिक जिम्मेदारी देना चाहता है। शताब्दी वर्ष को “युवा संघर्ष और संघर्ष का युवा वर्ष” के रूप में मनाया जा रहा है, जिसमें युवा कार्यकर्ताओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर है।

विभाग स्तर की भूमिका में बदलाव
नई संरचना में विभाग प्रचारकों की जिम्मेदारियां भी बदलेंगी। अब तक विभाग स्तर पर जो काम होते थे, वे संभागीय प्रचारकों को सौंपे जाएंगे। हर संभाग में एक प्रचारक के साथ करीब 30 पदाधिकारियों की टीम बनाई जाएगी, जो स्थानीय स्तर पर संगठन का संचालन करेगी।
RSS Reorganizes New: मौजूदा प्रांत प्रचारकों की भूमिका
फिलहाल मध्यप्रदेश में तीन प्रांत प्रचारक कार्यरत हैं मालवा में राजमोहन, मध्यभारत में विमल गुप्ता और महाकौशल में ब्रजकांत चतुर्वेदी। नई व्यवस्था लागू होने के बाद इनमें से किसी एक को प्रदेश प्रचारक बनाया जा सकता है, जबकि अन्य को राष्ट्रीय स्तर या अन्य संगठनों में जिम्मेदारी मिल सकती है। नई संभागीय व्यवस्था के तहत इंदौर, ग्वालियर, भोपाल, उज्जैन, जबलपुर, रीवा, सागर, खंडवा और नर्मदापुरम जैसे शहर प्रमुख केंद्र बनाए जाएंगे।
देशभर में लागू होगी नई व्यवस्था
संघ का यह बदलाव केवल मध्यप्रदेश तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे चरणबद्ध तरीके से पूरे देश में लागू किया जाएगा। संगठन का उद्देश्य अपने नेटवर्क को मजबूत करना, कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाना और नई पीढ़ी को नेतृत्व में आगे लाना है।
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