UGC: बुधवार को पटना में ऑल इंडिया इक्विटी फोरम फॉर इक्विटी के बैनर तले एक विशाल मार्च का आयोजन किया गया, जिसमें छात्र-नौजवान, सामाजिक एवं राजनीतिक कार्यकर्ता, और विभिन्न जिलों से आए लोग शामिल हुए। यह मार्च यूजीसी से जुड़े मुद्दों और उच्च शिक्षा में समान अवसर की मांग को लेकर किया गया।
मार्च की शुरुआत और पुलिस के साथ धक्कामुक्की
यह मार्च गांधी मैदान के गेट नंबर 10 से शुरू होकर जेपी गोलंबर तक पहुंचा, जहाँ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़ा और आगे बढ़ते हुए डाक बंगला चौराहा तक पहुंचे। यहाँ पुलिस के साथ धक्कामुक्की हुई और कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया, हालांकि बाद में सभी को छोड़ दिया गया। डाक बंगला चौराहा पर यह मार्च एक सभा में तब्दील हो गया।
UGC: शिक्षा में सामाजिक असमानता के खिलाफ प्रदर्शन
प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा में बढ़ती सामाजिक असमानता, जातिगत भेदभाव और उत्पीड़न के खिलाफ अपनी आवाज उठाई। उन्होंने यूजीसी रेगुलेशन के लागू होने की मांग की और नई शिक्षा नीति 2020 को वापस लेने की बात की। इसके साथ ही वंचित वर्गों के लिए आरक्षण की सीमा बढ़ाने और इसे सख्ती से लागू करने की भी मांग की गई।
नेताओं का समर्थन और भविष्य की लड़ाई
सभा को संबोधित करते हुए काराकाट सांसद राजाराम सिंह ने कहा कि इस आंदोलन को संसद में मजबूती से उठाया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सामाजिक न्याय की लड़ाई निर्णायक मंजिल तक पहुंचेगी। फोरम के राज्य संयोजक रिंकु यादव के संचालन में हुई इस सभा में पूर्व विधायक अमरजीत कुशवाहा और विधायक संदीप सौरभ ने भी अपने विचार व्यक्त किए और इस आंदोलन को समर्थन दिया।







