Iran crisis: मिडिल ईस्ट में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। पिछले तीन हफ्तों से जारी ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच तनाव अब बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुका है। आसमान में मिसाइलों और ड्रोन की आवाजाही बढ़ गई है, जिससे पूरे क्षेत्र में युद्ध जैसे हालात बन गए हैं। इसी बीच अमेरिका और ईरान के बीच सीधी टकराव की आशंका और गहरा गई है।
अमेरिका ने बढ़ाई सैन्य तैयारी
अमेरिका ने अपने सबसे खतरनाक और तेज़ कार्रवाई करने वाले दस्ते 82nd Airborne Division को मिडिल ईस्ट में उतारने की तैयारी कर ली है। रिपोर्ट्स के मुताबिक हजारों कमांडो सैनिकों को तैनात करने के आदेश दिए गए हैं। ये सैनिक हवाई रास्ते से सीधे युद्ध क्षेत्र में उतरकर तुरंत हमला करने के लिए जाने जाते हैं, इसलिए इसे बड़े जमीनी ऑपरेशन की तैयारी माना जा रहा है।
Iran crisis: ईरान का उसी अंदाज में जवाब
अमेरिका के इस कदम का जवाब ईरान ने भी उसी अंदाज में दिया है। ईरान की ताकतवर सेना Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने ‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4’ के तहत हमलों की ‘82वीं लहर’ शुरू करने का दावा किया है। खास बात ये है कि ईरान ने जानबूझकर ‘82’ नंबर का इस्तेमाल किया है, ताकि अमेरिका की 82nd एयरबोर्न डिवीजन को सीधा संदेश दिया जा सके।
Iran crisis: मिसाइलों पर चेतावनी भरे संदेश
इस बार ईरान सिर्फ सैन्य कार्रवाई ही नहीं, बल्कि मनोवैज्ञानिक दबाव भी बना रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों में देखा गया है कि ईरानी मिसाइलों पर चेतावनी भरे संदेश लिखे गए हैं। इन संदेशों में साफ कहा गया है कि अगर कोई ईरान की जमीन पर कदम रखेगा, तो वह जिंदा वापस नहीं जाएगा। ईरानी जनरलों ने भी कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि उनके हमले अमेरिकी ठिकानों को पूरी तरह तबाह कर सकते हैं।
टकराव की ओर बढ़ते हालात
Iran crisis: कुल मिलाकर, हालात अब सीधे टकराव की तरफ बढ़ते नजर आ रहे हैं, जहां हर कदम बेहद संवेदनशील और खतरनाक साबित हो सकता है।
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