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Gold Price Crash: जंग के बीच सोना-चांदी में भारी गिरावट, निवेशकों में बढ़ा कैश का रुझान

अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध के बीच सोने और चांदी की कीमतों में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। निवेशकों का झुकाव अब सुरक्षित नकदी की ओर बढ़ता दिख रहा है, जिससे बाजार में बिकवाली तेज हो गई है।
Gold Price Crash:

Gold Price Crash: मध्य पूर्व में ईरान, इजराइल और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच जारी तनाव का असर अब वैश्विक बाजारों पर साफ दिखने लगा है। युद्ध के बीच जहां आमतौर पर सोना-चांदी सुरक्षित निवेश के रूप में महंगे होते हैं, वहीं इस बार इसके उलट इनकी कीमतों में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है, जो निवेशकों के बदलते रुझान की ओर इशारा करती है।

सोने-चांदी की कीमतों में तेज गिरावट

धातु ताज़ा कीमत पिछली कीमत आज की गिरावट 28 दिनों में गिरावट
सोना (24 कैरेट, 10 ग्राम) ₹1,43,000 ₹1,46,000 ₹3,263 ₹16,155
चांदी (1 किलो) ₹2,22,000 ₹2,35,000 ₹13,167 ₹45,053

Gold Price Crash: ऑल टाइम हाई से बड़ी गिरावट

इस साल की शुरुआत में सोने और चांदी में जबरदस्त तेजी देखी गई थी, लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल गई है। 29 जनवरी 2026 को सोना 1.76 लाख रुपए के उच्चतम स्तर पर पहुंचा था, जो अब करीब 33 हजार रुपए सस्ता हो चुका है। वहीं चांदी 3.86 लाख रुपए प्रति किलो के उच्चतम स्तर से गिरकर 2.22 लाख रुपए तक आ गई है, यानी इसमें लगभग 1.64 लाख रुपए की बड़ी गिरावट दर्ज हुई है।

Gold Price Crash: गिरावट के पीछे ये हैं मुख्य कारण

इस बार युद्ध के बावजूद सोने-चांदी के दाम बढ़ने के बजाय घट रहे हैं, जिसके पीछे कई कारण सामने आए हैं। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के चलते निवेशक जोखिम से बचना चाहते हैं और अपनी होल्डिंग बेचकर नकदी जमा कर रहे हैं। इसके अलावा जनवरी में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद बड़े निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली भी तेजी से की गई, जिससे बाजार में सप्लाई बढ़ी। साथ ही, संयुक्त राज्य अमेरिका में सख्त ब्याज दर नीति का भी असर पड़ा है, जिससे कीमती धातुओं में निवेश कम हुआ है।

अलग-अलग शहरों में कीमतें क्यों बदलती हैं

सोने की कीमतें हर शहर में एक समान नहीं होतीं। इसका कारण परिवहन और सुरक्षा लागत है, क्योंकि सोना एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने में खर्च बढ़ता है। इसके अलावा दक्षिण भारत जैसे क्षेत्रों में अधिक मांग होने के कारण बड़े स्तर पर खरीद होती है, जिससे कीमतों में अंतर आता है। स्थानीय ज्वेलरी संगठन भी मांग और आपूर्ति के आधार पर दरें तय करते हैं। साथ ही ज्वेलर्स के पास मौजूद पुराने स्टॉक की खरीद कीमत भी बिक्री मूल्य को प्रभावित करती है।

आगे क्या रहेगी दिशा

कमोडिटी विशेषज्ञों का मानना है कि सोना और चांदी की कीमतों में फिलहाल और गिरावट देखने को मिल सकती है। ऐसे में निवेशकों को अभी सतर्क रहने और जल्दबाजी में निवेश से बचने की सलाह दी जा रही है।

सोना खरीदते समय रखें ध्यान

सोना खरीदते समय गुणवत्ता और कीमत की जांच बेहद जरूरी है। हमेशा भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) का हॉलमार्क लगा प्रमाणित सोना ही खरीदना चाहिए, जिससे उसकी शुद्धता सुनिश्चित होती है। इसके साथ ही खरीदारी से पहले अलग-अलग स्रोतों से उस दिन का भाव जांच लेना चाहिए, क्योंकि 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने की कीमतें अलग-अलग होती हैं।

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