3 April Panchang: सनातन धर्म में पंचांग के पांच महत्वपूर्ण अंग होते हैं – तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार। इन्हीं के आधार पर दिन की शुरुआत, शुभ और अशुभ समय तय किया जाता है। इस वर्ष 3 अप्रैल, शुक्रवार से वैशाख मास की शुरुआत हो रही है। इस दिन कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि है।
शुक्रवार का दिन कई विशेष योग और मुहूर्त लेकर आया है। साथ ही, अशुभ समय का ध्यान रखना भी ज़रूरी है। 3 अप्रैल को सूर्योदय सुबह 6:09 बजे और सूर्यास्त शाम 6:40 बजे होगा। चंद्रोदय शाम 8:04 बजे होगा।
शुभ समय में किए गए कार्य विशेष रूप से सफल होते हैं। इसके विपरीत, राहुकाल में यात्रा या नया कार्य आरंभ करने से बचना चाहिए। शुक्रवार को माता लक्ष्मी की पूजा विशेष रूप से की जाती है। इस दिन शुक्र ग्रह की शांति के लिए पूजा-पाठ करना और सफेद वस्तुएं दान करना शुभ माना जाता है।

तिथि और नक्षत्र
- कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि सुबह 8:42 तक रहेगी। इसके बाद द्वितीया तिथि लग जाएगी। हालांकि, सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार पूरा दिन प्रतिपदा माना जाएगा।
- नक्षत्र: चित्रा शुक्रवार शाम 7:25 तक रहेगा, इसके बाद स्वाती नक्षत्र प्रारंभ होगा।
- योग: व्याघात योग दोपहर 2:09 तक रहेगा।
- करण: कौलव करण सुबह 8:42 तक रहेगा।
3 April Panchang: शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:37 से 5:23 बजे तक
- अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:00 से 12:50 बजे तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 2:30 से 3:20 बजे तक
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 6:39 से 7:02 बजे तक
- अमृत काल: दोपहर 12:32 से 2:15 बजे तक

अशुभ समय
- राहुकाल: सुबह 10:51 से दोपहर 12:25 तक
- यमगंड: दोपहर 3:32 से 5:06 तक
- गुलिक काल: सुबह 7:43 से 9:17 तक
- दुर्मुहूर्त: सुबह 8:39 से 9:29 और दोपहर 12:50 से 1:40 बजे तक
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