INS Aridhaman: भारत ने अपनी सैन्य ताकत को और मजबूत करते हुए तीसरी स्वदेशी परमाणु पनडुब्बी INS अरिदमन को नौसेना में शामिल कर लिया है। सुरक्षा कारणों की वजह से इसकी कमीशनिंग को गोपनीय रखा गया था। Indian Navy की इस उपलब्धि के साथ भारत अब उन देशों में शामिल हो गया है, जिनके पास जमीन, हवा और समुद्र तीनों से परमाणु हमला करने की क्षमता है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस मौके पर कहा शब्द नहीं, शक्ति बोलती है अरिदमन
क्या है खासियत ?
INS अरिदमन अरिहंत श्रेणी की पनडुब्बी है। यह पहले की पनडुब्बियों के मुकाबले ज्यादा आधुनिक और शक्तिशाली है। इसमें मिसाइल ले जाने की क्षमता भी ज्यादा है। यह पनडुब्बी लंबे समय तक पानी के अंदर रहकर काम कर सकती है और दुश्मन की नजर से बची रहती है।
INS Aridhaman: भारत के पास अब कितनी परमाणु पनडुब्बियां
भारत के पास अब तीन परमाणु पनडुब्बियां हैं
INS अरिहंत जिसे 2016 में शामिल किया गया
INS अरिघात जिसे 2024 में शामिल किया गया
INS अरिदमन जिसे अब शामिल किया गया है
INS Aridhaman: रणनीतिक महत्व
INS अरिदमन के शामिल होने से भारत की समुद्री ताकत और मजबूत हुई है। इससे भारत की सेकंड स्ट्राइक क्षमता बढ़ी है, यानी जरूरत पड़ने पर समुद्र से भी जवाब दिया जा सकता है।
वैश्विक स्तर पर स्थिति
इस उपलब्धि के साथ भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है, जिनके पास न्यूक्लियर ट्रायड की क्षमता है। इसमें अमेरिका, रूस, चीन, फ्रांस और ब्रिटेन जैसे देश शामिल हैं।
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